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September 14, 2026 2:23 am

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36 साल की महिला 10 वर्षों से ले रही थी वृद्धावस्था पेंशन, शिकायत के बाद खुला राज

इटावा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ महज 36 वर्ष की एक महिला पिछले करीब 10 वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन का लाभ उठा रही थी। हैरत की बात यह है कि जब पेंशन स्वीकृत हुई, तब उसकी उम्र वृद्धावस्था पेंशन की पात्रता से काफी कम थी। शिकायत मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग ने कार्रवाई करते हुए पेंशन पर रोक लगा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मामला बढ़पुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत विचारपुरा का है। यहाँ उमा देवी पत्नी शिवराज सिंह के नाम से कई वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान किया जा रहा था। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश कुमार को महिला के अपात्र होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।

 

शिकायत मिलने पर समाज कल्याण विभाग ने मामले की जांच कराई। ग्राम पंचायत सचिव की रिपोर्ट में उमा देवी को वृद्धावस्था पेंशन के लिए अपात्र पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने 13 अगस्त को उनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दी।

 

इस खुलासे के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि कम उम्र की महिला को वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति कैसे मिली और वर्षों तक चलने वाले सत्यापन अभियानों के दौरान यह मामला अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आया।

 

 

जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल का कहना है कि शिकायत के आधार पर पेंशन रोक दी गई है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो लाभार्थी से सरकारी धन की वसूली की जाएगी। साथ ही, मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

फिलहाल इस मामले ने सरकारी योजनाओं के सत्यापन और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतनी बड़ी चूक हुई कैसे और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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