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October 30, 2026 9:46 pm

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

36 साल की महिला 10 वर्षों से ले रही थी वृद्धावस्था पेंशन, शिकायत के बाद खुला राज

इटावा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ महज 36 वर्ष की एक महिला पिछले करीब 10 वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन का लाभ उठा रही थी। हैरत की बात यह है कि जब पेंशन स्वीकृत हुई, तब उसकी उम्र वृद्धावस्था पेंशन की पात्रता से काफी कम थी। शिकायत मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग ने कार्रवाई करते हुए पेंशन पर रोक लगा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मामला बढ़पुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत विचारपुरा का है। यहाँ उमा देवी पत्नी शिवराज सिंह के नाम से कई वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान किया जा रहा था। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश कुमार को महिला के अपात्र होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।

 

शिकायत मिलने पर समाज कल्याण विभाग ने मामले की जांच कराई। ग्राम पंचायत सचिव की रिपोर्ट में उमा देवी को वृद्धावस्था पेंशन के लिए अपात्र पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने 13 अगस्त को उनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दी।

 

इस खुलासे के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि कम उम्र की महिला को वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति कैसे मिली और वर्षों तक चलने वाले सत्यापन अभियानों के दौरान यह मामला अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आया।

 

 

जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल का कहना है कि शिकायत के आधार पर पेंशन रोक दी गई है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो लाभार्थी से सरकारी धन की वसूली की जाएगी। साथ ही, मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

फिलहाल इस मामले ने सरकारी योजनाओं के सत्यापन और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतनी बड़ी चूक हुई कैसे और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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