कहा कहूं क्या मेरे हुसैन का है, जो है रब का वो सब हुसैन का है ,ख़ौफ़ कोई मुझको नहीं कोई मुसीबत आये, मेरा मौला है मुसीबत से बचाने वाला
इटावा। रसूल अल्लाह के नवासे मौलाए कायनात हज़रत अली के बेटे शहीदे आज़म इमाम हुसैन की पैदाइश के खुशनुमा मौके पर मस्जिद पंजतनी इटावा में महफ़िल का आयोजन किया गया।
महफ़िल में कलाम पेश करते हुए सलीम रज़ा ने कहा हुसैन इब्ने अली की मनकबत लिखी जो है हमने, इसे हक की अता कहिए तो ज़हरा की दुआ कहिए। तसलीम रज़ा ऊधम ने कहा हुसैन दीने लाइलाह अमल की किताब हैं, खलील ने जो देखा था उसी का जवाब है। अली मेहदी ने कहा ख़ौफ़ कोई मुझको नहीं कोई मुसीबत आये, मेरा मौला है मुसीबत से बचाने वाला। तनवीर हसन ने कहा कहूं क्या मेरे हुसैन का है, जो है रब का वो सब हुसैन का है। आसिफ रिज़वी अश्शू ने कहा मेरी निजात के लिए यही एक जरिया है, मुझे निजात न देना हुसैन के गम से। सलमान रिज़वी ने कहा मोमिन के लिए आज ये ईद का रोज़ है, आज हर मुकाम पर जिक्रे हुसैन है। मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने तक़रीर करते हुए कहा अल्लाह ने इमाम हुसैन को बहुत बड़ा मर्तबा दिया, इमाम हुसैन की कब्र की मिट्टी से लोगों को शिफ़ा मिलती है और जो इमाम हुसैन के रौजे की ज़ियारत करता है उसकी दुआ जरूर कुबूल होती है। जब 3 शाबान को इमाम हुसैन की पैदाइश हुई तो आसमान से फरिश्ते तक मुबारकबाद देने उनके घर आये। श्री जैदी ने कलाम पेश करते हुए कहा पूछते क्या हो क्या हुसैन का है, सब खुदा जा खुदा हुसैन का है। महफ़िल में अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, राहत अक़ील, शावेज़ नक़वी, मो. अब्बास, मो. मियां, हसन अब्बास, इबाद रिज़वी, तहसीन रज़ा, ज़हूर नक़वी, अली साबिर, शहजादे, राशिद हुसैन, राजा, मो. सादिक़, अर्श, अली अफ्फाफ, अली रज़ा आदि ने भाग लेकर इमाम हुसैन की पैदाइश का जश्न मनाया।
फोटो- महफ़िल में तक़रीर करते मौलाना अनवारुल हसन जैदी











