इटावा, 28 अगस्त 2026 – रक्षाबंधन के पावन पर्व पर इटावा जिला कारागार की दीवारें आज सलाखों की कठोरता को भूलकर भाई-बहन के अटूट प्रेम में सराबोर हो गईं। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ यह स्नेह-मिलन कुल 8 पारियों में संपन्न हुआ, जहाँ बहनों की बेसब्री भरी भीड़ जेल परिसर में उमड़ पड़ी।

प्रशासन ने इस खास मौके पर मुलाकात के लिए विशेष इंतज़ाम किए। आने वाली बहनों के लिए मिठाई, ठंडा पानी और राखियों की व्यवस्था की गई, वहीं सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त ने पूरे आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराया।
आँकड़ों की नज़र से देखें तो:

196 पुरुष बंदियों से मिलने 304 बहनें और 104 मासूम बच्चे जेल पहुँचे।
वहीं, 02 महिला बंदियों को राखी बांधने उनके 05 भाई भी बेचैनी से दरवाज़े पर आ पहुँचे।
जेल परिसर का माहौल अत्यंत भावुक एवं पारिवारिक रहा। सलाखों के इस पार खड़ी बहनों ने जब अपने बंद भाइयों को राखी बाँधी, तो कई आँखों में आँसू छलक आए। किसी ने हँसकर बातें कीं तो किसी की नम आँखें ही सब कुछ कह गईं।

कारागार प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और हर पारी में नियमित निगरानी रखी गई।

यह आयोजन साबित करता है कि राखी की डोर न सिर्फ कलाई, बल्कि सलाखों को भी पिघलाने की ताकत रखती है। इटावा जेल में आज सचमुच एक मिसाल कायम हुई, जहाँ त्योहार ने कैदियों को उनके अपनों से जोड़ दिया।
इटावा पुलिस व जेल प्रशासन – संवेदनशीलता के साथ सुरक्षा की प्रतिबद्धता।
Author: Mohammed irfan













