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September 14, 2026 12:16 am

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प्रवेश से पेयजल तक, बैठने से सुरक्षा तक – हर पहलू का बारीकी से जायजा; बोले- ‘बंदी भी परिवार का अभिन्न अंग, उनके परिजनों से हो संवेदनशील व्यवहार’

इटावा, 28 अगस्त 2026 – रक्षाबंधन का पावन त्योहार भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इटावा प्रशासन ने इस पर्व पर संवेदनशीलता व मानवीय दृष्टिकोण की एक मिसाल पेश की। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने स्वयं केंद्रीय कारागार इटावा पहुँचकर उन सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया, जो जेल में निरुद्ध बंदियों को राखी बांधने आई उनकी बहनों व परिजनों के लिए की गई थीं।

डीएम ने पूरे कारागार परिसर का भ्रमण करते हुए लगभग हर पहलू को परखा:

प्रवेश एवं पंजीकरण व्यवस्था – किसी बहन को लाइनों में परेशान न होना पड़े, इसके लिए काउंटरों की संख्या व कार्यप्रणाली देखी।

सुरक्षा प्रबंध – बड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती व बैरिकेडिंग का मुआयना किया।

बैठने की व्यवस्था – प्रतीक्षा कर रहीं महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के लिए पर्याप्त कुर्सियाँ एवं छायादार स्थान सुनिश्चित किए गए।

पेयजल एवं साफ-सफाई – कूलर, पानी के स्टॉल और परिसर की स्वच्छता पर विशेष नज़र रखी गई।

भीड़ प्रबंधन – भगदड़ से बचने के लिए मार्गों को एकतरफा करने व प्रवेश-निकास द्वारों को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी के सख्त व संवेदनशील निर्देश:

 

निरीक्षण के दौरान डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा – “रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। जेल में निरुद्ध व्यक्ति भी समाज और परिवार का हिस्सा हैं। दूर-दराज से आई बहनों के साथ अत्यंत मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए। किसी भी बहन को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने में कोई असुविधा न हो – यह प्रशासन की प्राथमिकता है।”

 

उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के लिए अलग से सहायता डेस्क बनाई जाए और कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

 

व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी:

 

जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन से आने वाली बहनों की संख्या, मुलाकात की समय-सारिणी व बंदियों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

 

· शासन व कारागार विभाग के नियमों का पालन करते हुए सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो।

· पर्व के दौरान किसी भी समस्या का तात्कालिक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

· पूरे कार्यक्रम पर निरंतर निगरानी रखी जाए, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि “त्योहारों का उद्देश्य आपसी प्रेम, भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करना है। प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि प्रत्येक व्यक्ति को गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण मिले।”

 

डीएम के इस निरीक्षण ने जेल प्रशासन का मनोबल बढ़ाया और उन बहनों के चेहरे पर मुस्कान ला दी, जो अपने भाइयों को राखी बाँधने के लिए जेल की दहलीज़ तक आई थीं। यह कदम साबित करता है कि इटावा प्रशासन संवेदनशीलता और कड़ी सुरक्षा का अद्भुत संगम करना जानता है।

🌺 इटावा जिला प्रशासन – आपकी खुशी, हमारी ज़िम्मेदारी। 🌺

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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