इटावा, 23 अगस्त — जश्न-ए-मिलादुन्नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पावन अवसर पर इटावा शहर में दो भव्य जुलूस निकाले जाने का ऐलान किया गया है। शनिवार की रात मदरसा दारुल उलूम गौसिया तजवीदुल कुरआन, आजाद नगर नई बस्ती में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उलमा-ए-इकराम और शहर की विभिन्न कमेटियों ने मिलकर जुलूस की रूपरेखा तय की।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कारी सरफराज आलम निजामी ने सभी उम्मत-ए-मुस्लिमा को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए कहा, “यह दिन केवल खुशी का नहीं, बल्कि हजरत मुहम्मद मुस्तफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सीरत, रहमत और मुहब्बत के पैगाम को जीने का दिन है। हमें उनकी शिक्षाओं को आम जीवन में उतारना है।”
जुलूस का कार्यक्रम और मार्ग:
· पहला जुलूस – 26 अगस्त, सुबह 6:30 बजे मदरसा दारुल उलूम गौसिया तजवीदुल कुरआान, आजाद नगर नई बस्ती से उलमा-ए-इकराम की अगुआई में अदब और एहतराम के साथ निकाला जाएगा।
· दूसरा जुलूस – उसी समय (6:30 बजे) अंजुमन-ए-हुसैनिया की ओर से नया शहर से शुरू होगा
· जुलूस के दौरान डीजे के इस्तेमाल से परहेज़ करने, साफ-सुथरा लिबास पहनने और सिर पर टोपी या अमामा शरीफ पहनने की अपील की गई।
· सभी जुलूसियों को दरूद-ओ-सलाम और नात-ए-पाक पढ़ते हुए चलने और सड़कों पर राहगीरों के लिए रास्ता छोड़ने की ताकीद की गई।
· झंडों और बैनरों पर हुजूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का नाम या गुम्बद-ए-खज़रा का नक्श अंकित करने और स्पष्ट रूप से “जुलूस-ए-मुहम्मदी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम” लिखने का निर्देश दिया गया।
· ट्रैफिक व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा; जुलूस सड़क के एक तरफ़ होकर चलेगा, ताकि आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि) को तुरंत रास्ता दिया जा सके।
· ईद-ए-मिलाद की रात नारेबाजी, बाइक स्टंट और शोर-गुल से बचने की खास अपील की गई, क्योंकि यह इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है। केवल हुजूर की मोहब्बत और शान में नारे लगाने की इजाजत होगी।
बैठक में शहर के प्रमुख उलमा, समाजसेवी और कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने भी जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए है
Author: Mohammed irfan













