निवेश मित्र पर लंबित प्रकरणों के तत्काल निस्तारण, जीबीसी 5.0 के निवेशों को धरातल पर लाने तथा मुख्यमंत्री युवा योजना में लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
इटावा, 18 जुलाई, 2026। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दिनांक 18 जुलाई, 2026 को जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के उद्यमियों एवं निवेशकों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों एवं बैंकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक के प्रारम्भ में ‘निवेश मित्र’ पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निवेशकों एवं उद्यमियों को विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमतियां, अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं अन्य स्वीकृतियां उपलब्ध कराने हेतु निवेश मित्र को सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। समीक्षा के दौरान जिन विभागों के प्रकरण निर्धारित समय-सीमा के उपरांत भी लंबित पाए गए, उन्हें जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि ऐसे सभी प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि निवेशकों को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा जनपद में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट/ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 की समीक्षा
इसके पश्चात ग्लोबल ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) 5.0 की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त उद्योग द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद इटावा को GBC 5.0 के अंतर्गत ₹500 करोड़ के निवेश का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष अब तक लगभग ₹480 करोड़ के निवेश की उपलब्धि प्राप्त कर ली गई है।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि लगभग 11 ऐसे निवेश प्रस्ताव चिन्हित किए गए हैं, जिनमें निवेशक जनपद में अपना उद्योग स्थापित करने के इच्छुक हैं, परन्तु विभिन्न स्तरों पर प्रकरण लंबित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की पृथक-पृथक समीक्षा करते हुए यह चिन्हित किया जाए कि किस स्तर पर क्या समस्या अथवा बाधा उत्पन्न हो रही है। निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाए तथा आवश्यक विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए इन निवेश प्रस्तावों को शीघ्र धरातल पर लाया जाए।
मुख्यमंत्री युवा योजना की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री युवा योजना की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि लगभग 350 आवेदन/फाइलें बैंक स्तर पर लंबित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित बैंकों को निर्देशित किया कि बैंक स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करते हुए ऋण स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे जनपद अगस्त माह के निर्धारित लक्ष्य को समय से प्राप्त कर सके।
जिलाधिकारी ने बैंकों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ पात्र युवाओं तक पहुंचाने के लिए आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा अनावश्यक रूप से कोई भी पात्र आवेदन लंबित न रखा जाए।
‘एक जनपद–एक व्यंजन’ योजना के संबंध में जानकारी
इसके पश्चात ‘एक जनपद–एक व्यंजन (ODOP/ODOC)’ से संबंधित प्रगति एवं संभावनाओं की जानकारी उपायुक्त उद्योग द्वारा दी गई। उन्होंने अवगत कराया कि जनपद इटावा के लिए सरसों आधारित उत्पाद, मठा के आलू तथा खीर मोहन को चयनित उत्पादों के रूप में चिन्हित किया गया है।
बैठक में बताया गया कि उक्त उत्पादों से संबंधित उद्यम स्थापित करने वाले उद्यमियों को शासन द्वारा विभिन्न प्रकार की सुविधाएं एवं वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पात्र उद्यमियों को ऋण पर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी सहित विभिन्न सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकता है। इसके अतिरिक्त मेलों एवं प्रदर्शनियों में स्टॉल बुकिंग में सहायता/छूट, खाद्य उत्पादों के लिए आवश्यक FSSAI एवं अन्य अनुमतियां प्राप्त करने में सहयोग तथा स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं ई-कॉमर्स के माध्यम से देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच बनाने हेतु उपलब्ध शासकीय सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उक्त योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक संभावित उद्यमियों को इससे जोड़ा जाए। बैंकों को भी निर्देशित किया गया कि योजना से संबंधित प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें तथा पात्र उद्यमियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं की जानकारी जनपद के अधिकाधिक युवाओं एवं संभावित उद्यमियों तक पहुंचाई जाए, ताकि वे इसका लाभ लेकर स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ सकें।
सिलाई-कढ़ाई हेतु कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना
बैठक के महत्वपूर्ण विषयों में जनपद के अतिरिक्त ODOP उत्पाद ‘सिलाई-कढ़ाई’ के लिए प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) भी शामिल रहा। जिलाधिकारी महोदय के समक्ष प्रस्तावित CFC हेतु तैयार की गई डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया गया।
उपायुक्त उद्योग एवं उनकी टीम द्वारा अवगत कराया गया कि CFC की स्थापना के लिए विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पांच प्रमुख इंटरवेंशन चिन्हित किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
1. रॉ मटीरियल बैंक की स्थापना, जिससे उद्यमियों को आवश्यक कच्चा माल सुगमता से उपलब्ध कराया जा सके।
2. आधुनिक मशीनरी एवं तकनीकी सुविधाओं की स्थापना, जिससे स्थानीय कारीगर एवं उद्यमी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सकें।
3. प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र की स्थापना, जिससे स्थानीय युवाओं एवं कारीगरों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा सके।
4. CFC के प्रभावी संचालन एवं प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करना।
5. उत्पादों की मार्केटिंग, ब्रांडिंग एवं बाजार से जोड़ने की व्यवस्था विकसित करना।
प्रस्तुतीकरण के दौरान अवगत कराया गया कि प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर से सिलाई-कढ़ाई एवं टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों एवं युवाओं को आधुनिक मशीनरी, प्रशिक्षण, कच्चे माल तथा विपणन जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसर भी बढ़ेंगे।
जिलाधिकारी ने इस संबंध में उद्यमियों से संवाद करते हुए निर्देशित किया कि प्रदेश में वर्तमान में संचालित कॉमन फैसिलिटी सेंटरों का स्थलीय भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं उनके संचालन की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया जाए, ताकि जनपद इटावा में प्रस्तावित CFC को अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाया जा सके।
साथ ही जिलाधिकारी द्वारा उद्योग विभाग की टीम को निर्देशित किया गया कि प्रस्तावित CFC के संबंध में एक बार पुनः क्षेत्रीय सर्वेक्षण एवं फील्ड विजिट किया जाए तथा स्थानीय उद्यमियों एवं कारीगरों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। यदि CFC के प्रस्ताव में कोई आवश्यक सुविधा अथवा गतिविधि सम्मिलित होने से रह गई हो, तो उसे भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि प्रस्तावित CFC का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण न होकर स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण, बेहतर रोजगार के अवसर, उद्यमिता को बढ़ावा तथा कारीगरों एवं उद्यमियों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना होना चाहिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों को निर्देशित किया कि उद्योग एवं उद्यमिता से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा निवेशकों एवं उद्यमियों को आवश्यक विभागीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में निवेश, रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभागों के मध्य बेहतर समन्वय एवं प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।
इस प्रकार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में निवेश, उद्यमिता, बैंकिंग, ODOP/ODOC, GBC 5.0 तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
Author: Mohammed irfan













