इटावा जिला चिकित्सालय मोतीझील में समेकित शिक्षा योजना के तहत आयोजित विशेष मेडिकल एसेसमेंट कैम्प दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीदों का सवेरा बनकर सामने आया है। उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कुल 43 दिव्यांग बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस विशेष जांच प्रक्रिया के बाद 13 पात्र बच्चों को मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए, जबकि अन्य बच्चों को आगे की विस्तृत जांच और परीक्षण के लिए उच्च स्तर पर रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला और हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. निखिलेश कुमार ने अपने कर-कमलों से बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान सीएमएस डॉ. शुक्ला ने बताया कि यह प्रमाण पत्र इन बच्चों के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाएगा, जिससे उन्हें एस्कार्ट भत्ता और स्टाइपेंड का सीधा लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, इस प्रमाण पत्र के माध्यम से अभिभावक उत्तर प्रदेश की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और रेलवे में रियायत के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र भी बनवा सकेंगे।
आर.बी.एस. विभाग द्वारा वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराकर बच्चों को शिविर तक सुरक्षित लाया गया, जिससे अभिभावकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेन्द्र सिंह द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टर, टेक्निकल ऑफिसर और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट शामिल थे, ने इस पूरे आयोजन को बेहद सुगम और पारदर्शी बनाया। बेसिक शिक्षा विभाग के स्पेशल एजुकेटर्स और समग्र शिक्षा टीम के सहयोग से अभिभावकों को सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जागरूक भी किया गया।
Author: Mohammed irfan












