इटावा 16 सितंबर, 2026- जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) कराए जाने के संबंध में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 3390 बैलेट यूनिट, 2163 कंट्रोल यूनिट तथा 2186 वीवीपैट उपलब्ध हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उपलब्ध ईवीएम एवं वीवीपैट में से 2016 बैलेट यूनिट, 2016 कंट्रोल यूनिट एवं 2016 वीवीपैट की एफएलसी का कार्य 17 सितंबर, 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। एफएलसी का कार्य प्रतिदिन प्रातः 09:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक कराया जाएगा तथा इसके लगभग 10 अक्टूबर, 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि एफएलसी का कार्य बेल कंपनी द्वारा नामित 06 इंजीनियर्स की टीम द्वारा किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार एफएलसी कार्य की निगरानी के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी, इटावा को एफएलसी सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। एफएलसी की प्रक्रिया को देखने के लिए उपस्थित राष्ट्रीय एवं राज्यीय मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित पंजिका एनेक्सचर-4 में दर्ज की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि एफएलसी हॉल में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। मोबाइल फोन, कैमरा, स्पाई पेन, स्मार्ट ग्लासेज एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एफएलसी हॉल में ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही एफएलसी हॉल एवं परिसर में धूम्रपान पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल के पदाधिकारी/प्रतिनिधि में से एक दिन में केवल एक प्रतिनिधि को एफएलसी हॉल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि एफएलसी के उपरांत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रतिशत के अनुसार मॉक पोल मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया जाएगा। मॉक पोल के लिए मशीनों का चयन रेंडम आधार पर किया जाएगा। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को रेंडम आधार पर मशीनों के चिन्हांकन की प्रक्रिया देखने की अनुमति होगी तथा इच्छुक प्रतिनिधि स्वयं भी मॉक पोल कर सकते हैं। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 01 प्रतिशत मशीनों में 1200 वोट, 02 प्रतिशत मशीनों में 1000 वोट तथा 02 प्रतिशत मशीनों में 500 वोट डालकर मॉक पोल कराया जाएगा।
मॉक पोल की प्रक्रिया के संबंध में राजनैतिक दलों से एनेक्सचर-8, 9 एवं 10 में निर्धारित प्रमाण-पत्र प्राप्त किए जाएंगे। एफएलसी में सही पाए जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट पर हरे रंग का स्टीकर, जबकि एफएलसी में अस्वीकृत मशीनों पर लाल रंग का स्टीकर लगाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी में ओके पाई गई कंट्रोल यूनिट पर पिंक पेपर सील लगाई जाएगी। इस सील पर एफएलसी इंजीनियर, एफएलसी सुपरवाइजर तथा उपस्थित राष्ट्रीय/राज्यीय मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।
बैठक में जिलाधिकारी ने एफएलसी की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से एफएलसी प्रक्रिया में सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
उक्त के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिपिन कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार, कृपा नारायण तिवारी भाजपा, संजीव भदौरिया भाजपा, आशुतोष दीक्षित कांग्रेस, वाचस्पति द्विवेदी आई0ऐन0सी0, उदयभान सिंह यादव समाजवादी पार्टी, इकरार अहमद आम आदमी पार्टी, राघवेंद्र अवस्थी बसपा, हरिओम शाक्य बसपा, डॉ हरिशंकर पटेल अपना दल, मुकेश कुमार अपना दल सहित समस्त राजनैतिक दल उपस्थित रहे।
Author: Mohammed irfan













