इटावा बढ़ते प्रदूषण और सिमटते जंगलों के बीच पर्यावरण को बचाने के लिए इटावा के संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में एक बेहद सराहनीय पहल देखने को मिली। वन विभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम के दौरान पूरा विद्यालय परिसर पर्यावरण चेतना के रंग में रंगा नजर आया। इस खास मौके पर न केवल बच्चों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया गया, बल्कि एक अनोखे ‘वृक्ष भंडारा’ का आयोजन कर उन्हें हरियाली की सौगात भी सौंपी गई।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आईएफएस अधिकारी और प्रभागीय निदेशक विकास नायक ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की अहमियत समझाई। उन्होंने बदलते मौसम चक्र और आज की सबसे बड़ी जरूरत पर जोर देते हुए बच्चों को भावुक और प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने हर बच्चे से अपने जीवन में अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की मार्मिक अपील की। इस दौरान जब उन्होंने बच्चों को पर्यावरण सुरक्षा की शपथ दिलाई, तो पूरा माहौल देश और प्रकृति के प्रति समर्पण की भावना से भर उठा।
कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण ‘वृक्ष भंडारा’ रहा, जहां प्रसाद की तरह बच्चों को पौधे बांटे गए। हाथों में नन्हे पौधे थामे बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह और खुशी साफ देखी जा सकती थी। बच्चों ने केवल पौधे ही नहीं लिए, बल्कि उन्हें जीवित रखने और उनकी पूरी सुरक्षा करने का एक अटूट संकल्प भी लिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आनंद ने इस मुहिम को आज के समय की सबसे बड़ी सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने आगाह किया कि अगर हम आज सचेत नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और पानी जुटाना भी नामुमकिन हो जाएगा। वहीं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान ने बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने, पानी बचाने और हरियाली बढ़ाने के बेहद आसान लेकिन असरदार तरीके सिखाए।
चित्रा परिहार के सफल संचालन में चले इस भव्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ नमामि गंगे संजीव चौहान, जेआरएफ डॉ. संगीता समेत वन दरोगा संतोष सिंह, जयशंकर यादव और वनरक्षक अमन व इरफान जैसे कई अधिकारियों और पर्यावरण प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक सुर में एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित भविष्य के निर्माण की राह पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया।











