लखनऊ/इटावा, 01 सितंबर 2026 — जनपद इटावा की पुलिस ने एक बार फिर अपनी बहादुरी, सूझबूझ और मानवता के प्रति अटूट समर्पण का लोहा मनवाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में एसओजी/सर्विलांस टीम के चार साहसी पुलिसकर्मियों को हिंदुस्तान दैनिक समाचार पत्र द्वारा प्रतिष्ठित ‘शौर्य सम्मान’ से विभूषित किया गया। यह सम्मान उन अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया गया, जो उन्होंने एक चैन स्नैचिंग के आरोपियों को झारखंड से घेरते हुए, खूनी मुठभेड़ में बंधक बनाए गए मासूम बच्चे की जान बचाने के दौरान दिखाया।
जब साहस ने परिभाषित की पुलिस की कर्तव्य-परायणता
गत दिनों थाना इकदिल क्षेत्र में हुई चैन स्नैचिंग की वारदात के बाद वांछित अभियुक्त झारखंड की ओर फरार हो गए थे। एसओजी/सर्विलांस टीम को गुप्त सूचना मिली कि वे शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के आसपास हैं। टीम ने तुरंत पीछा शुरू किया, लेकिन अपराधियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें कई जवान घायल हुए।

भागने के दौरान बदमाशों ने एक मासूम बच्चे को बंधक बना लिया और उसे ढाल बनाकर पुलिस पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। ऐसी विकट परिस्थिति में भी पुलिस टीम ने धैर्य नहीं खोया। अत्यंत सावधानी एवं चतुराई से बच्चे को सकुशल मुक्त कराया और दोनों अभियुक्तों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों को सबक सिखाने के लिए, बल्कि एक निर्दोष बच्चे की जान बचाने की अद्वितीय मिसाल बन गई।

31 अगस्त 2026 को लखनऊ के मर्क्योर होटल में आयोजित भव्य समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों/कर्मियों को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया:
क्र.सं. नाम एवं पद योगदान
1 बृजेश कुमार श्रीवास्तव – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, इटावा कुशल नेतृत्व एवं रणनीतिक दिशा-निर्देश
2 निरीक्षक अतुल कुमार – प्रभारी सर्विलांस ऑपरेशन की बारीकी से योजना बनाने वाले प्रमुख सूत्रधार
3 उपनिरीक्षक बेचन कुमार सिंह – प्रभारी एसओजी मुठभेड़ में अग्रिम पंक्ति में रहे साहसी अधिकारी
4 आरक्षी डेविड चौहान – एसओजी घायल होने के बावजूद बच्चे को कवर करने वाले असमान सिपाही
5 आरक्षी पुष्पेन्द्र चौधरी – एसओजी बंधक मुक्ति अभियान में निर्णायक भूमिका

यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों के अद्वितीय साहस, अनुशासन और मानवीय संवेदना का प्रतीक है, जिन्होंने स्वयं घायल होते हुए भी कर्तव्य से मुँह नहीं मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री श्रीवास्तव का नेतृत्व और टीम की बहादुरी पूरे पुलिस बल के लिए मार्गदर्शक है। इस उपलब्धि ने जनपद इटावा का मान बढ़ाया है और अपराधियों के लिए यह संदेश दिया है कि कानून की आँख से बचना नामुमकिन है।
· घटना : चैन स्नैचिंग के बाद आरोपियों का झारखंड भागना
· कार्रवाई : शिकोहाबाद स्टेशन के पास घेराबंदी, बंधक बालक को बचाना
· परिणाम : दोनों अपराधी मारे गए, पुलिसकर्मी घायल
· सम्मान समारोह : 31.08.2026, मर्क्योर होटल लखनऊ
· सम्मानित : एसएसपी सहित 5 अधिकारी/कर्मी
यह वीरगाथा हर नागरिक के दिल में गर्व का संचार करती है और दिखाती है कि सच्चा साहस आत्मरक्षा से बढ़कर दूसरों की जान बचाने में है। जय हिंद! 🇮🇳
Author: Mohammed irfan













