इटावा, 28 अगस्त 2026 – रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जहाँ बहनों ने अपने भाइयों की कलाईयाँ सजाईं, वहीं एक बहन का त्योहार अचानक संकट में आ गया, लेकिन इटावा पुलिस की फौलादी मुस्तैदी ने उनकी मुस्कान वापस लौटा दी।
ग्राम जगन्नाथपुर (थाना करहल, जनपद मैनपुरी) से अपने भाई को राखी बांधने इटावा आ रहीं श्रीमती हरभलासी (पत्नी मचन सिंह) का सफर तब अफरा-तफरी भरा हो गया, जब उनका कीमती सामान एवं आभूषणों से भरा बैग ऑटो में ही रह गया। ऑटो उतरते ही जब उन्हें इस बात का एहसास हुआ, तो उनके होश उड़ गए – उसमें न सिर्फ गहने बल्कि राखियाँ और अन्य जरूरी सामान भी था।
तुरंत रिपोर्ट, तुरंत एक्शन:
महिला ने तत्काल थाना बलरई पहुँचकर सूचना दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के सख्त निर्देश पर पुलिस ने इसे संवेदनशीलता से लिया। थानाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने बिना देर किए ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत जनपद भर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
तकनीकी मदद – एक-एक ऑटो की नंबर प्लेट और रूट को क्रॉस-चेक करते हुए पुलिस ने उस ऑटो का पता लगाया।
त्वरित संपर्क – टीम ने तुरंत ऑटो चालक से संपर्क साधा और बिना किसी देरी के महिला का बैग बरामद कर लिया।
सुरक्षित सुपुर्दगी – पूरे सामान को ज्यों-का-त्यों सीलबंद हालत में महिला के हवाले कर दिया गया।
खिली मुस्कान, उमड़ा आभार:
अपना बैग वापस पाकर हरभलासी का चेहरा खिल उठा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मुझे लगा था कि राखी बांधना छूट जाएगा, लेकिन इटावा पुलिस ने मेरा ये पर्व बचा लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई देखकर मैं सचमुच गौरवान्वित हूँ।” उन्होंने पुलिस टीम की तत्परता और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की।
यह कार्रवाई साबित करती है कि इटावा पुलिस न केवल अपराध, बल्कि आमजन की छोटी-से-छोटी समस्या के लिए भी 24×7 सजग है। SSP ने टीम के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि त्योहार पर हर नागरिक की सुरक्षा एवं सहायता उनकी प्राथमिकता है।
थानाध्यक्ष बलरई – आलोक कुमार सिंह (मय टीम)
आपकी इस सूझबूझ व त्वरित कार्रवाई के लिए पूरा जनपद आपका आभारी है।
Author: Mohammed irfan













