इटावा उत्तर प्रदेश में संविदा एवं एड्स नियंत्रण कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज हो गया है। इटावा में उप्र एड्स कन्ट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को सौंपा है। एटक (AITUC) से संबद्ध इस संघ ने अपनी चिरप्रतीक्षित मांगों के निस्तारण हेतु 15 अक्टूबर से लखनऊ के ईको गार्डन पार्क में अनिश्चितकालीन विशाल धरना प्रदर्शन का ऐलान भी कर दिया है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, जॉब सुरक्षा, ऑटो-रिन्यूअल व्यवस्था, पिछले तीन वर्षों का लंबित अतिरिक्त पारिश्रमिक, 30 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस और पूर्व में निकाले गए कर्मियों का समायोजन शामिल है। इसके अलावा 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों को सीधी भर्ती में छूट, म्यूचुअल ट्रांसफर, एचआईवी मरीजों के लिए पेंशन और शाम के समय वर्चुअल बैठकों से राहत की बात भी उठाई गई है।
दूसरी ओर, कर्मचारियों के इस आंदोलन को शासन स्तर पर भी बड़ा समर्थन मिलता दिख रहा है। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारियों की न्यायसंगत और संवेदनशील मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है। मंत्री ने 15-18 वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे कर्मियों के नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा बीमा, अनुकंपा नियुक्ति नीति और नियमित भर्तियों में कोटा निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया है। ज्ञापन सौंपने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पूजा पोरवाल, गीता सक्सेना, अनिल चतुर्वेदी, नरेंद्र, निशांत, कुसुम चौधरी, गीतम सिंह और अवनीश त्रिपाठी सहित अनेक कर्मचारी व प्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
Author: Mohammed irfan













