विदेशी दोस्ती का ऐसा जाल कि 18 लाख के DD के लालच में गंवा दिए 9.74 लाख
हरदोई: फेसबुक पर विदेशी महिला से दोस्ती हुई, लंदन से दिल्ली आने का फ्लाइट टिकट मिला और फिर 18 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट का ऐसा सपना दिखाया गया कि हर बार नया शुल्क बताकर पैसे मांगे जाते रहे। भरोसे में आए रामानुज ने एक-दो नहीं, बल्कि 18 बार रकम ट्रांसफर कर दी। जब तक पूरा खेल समझ में आया, तब तक उनके खाते से ₹9.74 लाख निकल चुके थे।
मामला संडीला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घूमनखेड़ा का है। रामानुज के मुताबिक, फेसबुक मैसेंजर पर उनकी पहचान ‘रीता फ्रांसिस’ नाम की एक प्रोफाइल से हुई थी। बातचीत आगे बढ़ी तो ठगों ने विश्वास जीतने के लिए लंदन से दिल्ली आने का फर्जी फ्लाइट टिकट भेजा और विदेशी मोबाइल नंबरों से लगातार संपर्क बनाए रखा। इसके बाद एक महिला ने फोन कर बताया कि लंदन से रामानुज के नाम पर एक कीमती पार्सल आया है। दावा किया गया कि पार्सल में 15,000 पाउंड यानी करीब 18 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) है।
इसके बाद शुरू हुआ पैसे ऐंठने का सिलसिला। कभी एयरपोर्ट पर पार्सल स्कैनिंग शुल्क, कभी DD को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से भारतीय मुद्रा में बदलने का चार्ज, तो कभी कपड़ों की खरीद और अन्य प्रशासनिक शुल्क के नाम पर रकम मांगी गई। रामानुज ने अलग-अलग बैंक खातों और PhonePe के जरिए 18 बार में कुल ₹9,74,000 ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने भरोसा बनाए रखने के लिए कूरियर से RBI का कथित मास्टर एटीएम कार्ड भी भेज दिया।
जब आरोपियों ने कार्ड एक्टिवेट करने के नाम पर फिर पैसे मांगे तो रामानुज को शक हुआ और उन्होंने आगे भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो कार्ड रद्द कर दिया जाएगा और सारा पैसा जब्त कर लिया जाएगा। ठगी का एहसास होने पर रामानुज ने एसपी को लिखित शिकायत दी। एसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में रीता फ्रांसिस, इमरान हुसैन, सोनू कुमार, विशाल और रानू को नामजद किया गया है। साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
यह सिर्फ ठगी की कहानी नहीं, बल्कि हर सोशल मीडिया यूजर के लिए चेतावनी है। विदेशी दोस्ती, विदेश से पार्सल, लाखों का DD या अचानक मिलने वाले फायदे के नाम पर अगर पहले पैसे मांगे जाएं तो रुकिए और सत्यापन कीजिए। साइबर ठग पहले भरोसा और लालच पैदा करते हैं, फिर शुल्क और धमकी के जरिए रकम ऐंठते हैं।एक बात हमेशा याद रखें—ऑनलाइन दुनिया में दिखने वाला हर चेहरा और हर दावा सच नहीं होता। जल्दबाजी में किया गया एक भुगतान लाखों का नुकसान करा सकता है। सतर्क रहें, सत्यापन करें और संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
Author: Mohammed irfan













