अब्दुल्ला अख़्तर
नगर के प्रवेश से लेकर अंतिम छोर तक जगह-जगह संचालित हो रहे होटल, नियम-कायदों और सत्यापन व्यवस्था पर उठ रही उंगलियां
छिबरामऊ। नगर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से ओयो और अन्य नामों से संचालित होने वाले होटल एवं गेस्ट हाउसों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। नगर के प्रमुख मार्गों से लेकर बाहरी इलाकों तक कई स्थानों पर ऐसे होटल संचालित होने की चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से कुछ प्रतिष्ठानों के संचालन, पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा, पुलिस सत्यापन और अन्य आवश्यक मानकों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की आवश्यकता है।
होटल कारोबार की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों की भी चर्चा
स्थानीय स्तर पर कुछ ओयो होटलों में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचनाएं और चर्चाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों द्वारा यहां अनैतिक गतिविधियों अथवा कथित सेक्स रैकेट संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी विशेष होटल के खिलाफ कार्रवाई अथवा अपराध सिद्ध होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सवाल यह है कि स्थानीय स्तर पर इन प्रतिष्ठानों का पुलिस सत्यापन, होटल में ठहरने वाले लोगों का रिकॉर्ड, सीसीटीवी व्यवस्था और अन्य जरूरी मानकों की नियमित जांच कितनी गंभीरता से की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन करे व्यापक जांच
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी होटल में नियमों का उल्लंघन हो रहा है अथवा किसी तरह की अवैध गतिविधि संचालित की जा रही है तो पुलिस और प्रशासन को अभियान चलाकर जांच करनी चाहिए। होटल संचालकों के दस्तावेज, पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, आगंतुकों के रिकॉर्ड और कर्मचारियों के सत्यापन की जांच की जाए तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
कार्रवाई हुई तो सामने आएगी वास्तविक स्थिति
नगरवासियों का कहना है कि केवल शिकायतों और चर्चाओं तक सीमित रहने के बजाय संबंधित विभागों को धरातल पर जाकर जांच करनी चाहिए। यदि किसी प्रतिष्ठान में अनियमितता मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई हो और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो इसकी भी स्थिति सार्वजनिक की जाए।
Author: Mohammed irfan













