इटावा में बफ (वक्फ) संपत्तियों को लेकर बड़ा घोटाला सामने आ रहा है। शिकायत है कि कब्रिस्तान, मस्जिदों और मदरसों की जमीनों पर बफ माफियाओं ने कब्जा जमा रखा है। ये लोग वक्फ संपत्तियों को अपनी चल-अचल संपत्ति समझकर उन्हें अपने रिश्तेदारों और करीबियों को किरायेदारी के नाम पर देकर मोटी रकम वसूल रहे हैं।
गड़बड़ी का खुलासा:
प्रदेश सरकार के निर्देश पर हुई गोपनीय जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वक्फ बोर्ड द्वारा दावा की गई 875 संपत्तियों में से 827 संपत्तियां सरकारी भूमि पर मौजूद पाई गईं। इनमें कई मस्जिद, कब्रिस्तान और मजारें शामिल हैं।
सबसे बड़ी साजिश: मुतवल्ली (प्रबंधक) अपने पसंदीदा लोगों को किरायानामा लिखकर संपत्तियां दे रहे हैं और भारी किराया वसूल रहे हैं। जनता का आरोप: इन माफियाओं ने मुस्लिम समाज के असली हकदारों को उनके अधिकार से वंचित कर दिया है।
योगी सरकार का सख्त रुख:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। योगी सरकार के एंटी भू-माफिया अभियान के तहत अब तक 84,005 हेक्टेयर (करीब 2.08 लाख एकड़) जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जा चुका है।
इटावा में भी 40 साल से दबंगों के कब्जे में रही किसान की जमीन प्रशासन की सक्रियता से मुक्त कराई गई है। अब सवाल उठ रहा है कि मस्जिदों और कब्रिस्तानों की संपत्तियों पर कब कार्रवाई होगी?
जनता की मांग:
लोगों की मांग है कि इन मुतवल्लियों की चल-अचल संपत्तियों की बारीकी से जांच होनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।
सीएम योगी से सीधी अपील:
“इन मुतवल्लियों की संपत्तियों की गहन जांच कराई जाए, ताकि गरीब मुस्लिम समाज का हक उन्हें वापस मिल सके।”
इटावा के लोगों की आवाज, प्रशासन से उम्मीद
Author: Mohammed irfan













