इटावा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के दिशा-निर्देशन में इटावा पुलिस ने जनसेवा की एक और सराहनीय मिसाल पेश की है। आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने मात्र कुछ घंटों में एक गुम हुआ बैग अपने मालिक तक सुरक्षित पहुँचाकर न केवल उनकी मुश्किलें दूर कीं, बल्कि प्रशासन पर लोगों का भरोसा भी मजबूत किया।
घटना का विवरण:
16 अगस्त 2026 को अमन वर्मा (पुत्र राजेश वर्मा), निवासी रामलीला रोड, राजपूत कॉलोनी, थाना कोतवाली, इटावा, अपनी पत्नी के साथ भिण्ड से इटावा लौट रहे थे। इसी दौरान उदी क्षेत्र के पास उनका बैग अचानक रास्ते में गिर गया। बैग में करीब ₹9,000 नकद, आधार-पैन कार्ड, बैंक एटीएम, बहुमूल्य स्वर्ण जड़ित रुद्राक्ष की माला, और अन्य जरूरी दस्तावेज व सामान रखा था। बैग खोने से अमन और उनके परिजन काफी परेशान हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
बैग गुम होने की सूचना मिलते ही थाना बढ़पुरा की चौकी उदी पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस टीम ने बैग में रखे आधार कार्ड पर अंकित पते को आधार बनाकर C-PLAN प्रणाली के माध्यम से तुरंत संपर्क साधा। तकनीकी मदद और सूझबूझ से कुछ ही देर में अमन वर्मा तक पहुँचा गया। उन्हें चौकी उदी बुलाकर सारा सामान – नकदी से लेकर दस्तावेज़ और रुद्राक्ष की माला तक – पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों का उत्साह और आभार:
स्वयं का सामान सकुशल वापस पाकर अमन वर्मा और उनके परिजनों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने पुलिस की इस सराहनीय पहल को “संवेदनशीलता और तत्परता का बेहतरीन उदाहरण” बताते हुए पूरी टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उनका कहना था – “हमें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी हमारा सामान वापस मिल जाएगा। इटावा पुलिस ने सच में हमें राहत दी।”
इटावा पुलिस का संकल्प:
“जनसेवा, सुरक्षा और विश्वास” – यही इटावा पुलिस की मूल प्रतिबद्धता है। एसएसपी श्रीवास्तव ने भी पुलिस टीम के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आमजन की हर समस्या का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब पुलिस संवेदनशील और जागरूक हो, तो जनता का विश्वास और मजबूत होता है।
इटावा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक परिवार को राहत दी, बल्कि पूरे क्षेत्र में प्रशासन के प्रति सकारात्मक संदेश भी फैलाया। यह सच है – “सेवा ही संकल्प, विश्वास ही पहचान।”
Author: Mohammed irfan













