अब्दुल्लाह अख़्तर
भाकियू बलराज ने दी चेतावनी: मांगें पूरी न होने पर तीन मंडलों के पदाधिकारी करेंगे चक्का जाम
छिबरामऊ।
ग्राम बहबलपुर में चल रहे किसानों के धरना प्रदर्शन के सातवें दिन भी प्रशासन का कोई सकारात्मक रुख सामने न आने से किसानों में भारी आक्रोश है। जिलाधिकारी के सख्त आदेशों के बावजूद राजस्व और चकबंदी विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे नाराज़ भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने अब आंदोलन को और उग्र करने का फैसला कर लिया है। संगठन ने कल से धरना स्थल पर ही भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
डीएम के आदेश को भी हवा में उड़ा रहे मातहत अधिकारी
मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी महोदय ने उपजिलाधिकारी को स्पष्ट आदेश दिए थे कि एक विशेष टीम का गठन कर सरकारी भूमि की पैमाइश कराई जाए और विवादित रास्ते को तुरंत चालू कराया जाए। लेकिन धरना प्रदर्शन के सात दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी राजस्व या चकबंदी अधिकारी ने मौके पर जाकर कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। किसानों का आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन देकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं।
भाकियू बलराज के प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष/प्रभारी (उत्तर प्रदेश) ने संयुक्त रूप से कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासन किसानों के सब्र का इम्तिहान न ले, कल से कन्नौज जनपद के भाकियू बलराज के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में बहबलपुर धरना स्थल पर पहुंचेंगे। इसके साथ ही प्रशासन की आंखें खोलने के लिए कुछ पदाधिकारी भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे।
किसान संगठन ने इस आंदोलन को अब प्रदेश स्तर पर ले जाने की तैयारी कर ली है। आगरा, अलीगढ़ और कानपुर मंडल के मंडल अध्यक्षों समेत इन मंडलों के अंतर्गत आने वाले सभी जिला अध्यक्षों को अपनी-अपनी पूरी टीम के साथ ‘स्टैंडबाय’ पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आगे की उग्र रणनीति और बड़े कदम की जानकारी सभी बड़े पदाधिकारियों को उनके व्यक्तिगत नंबरों पर गोपनीय रूप से दी जा रही है।
यदि प्रशासन ने जल्द ही टीम गठित कर रास्ते की पैमाइश नहीं कराई, तो यह स्थानीय धरना एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
Author: Mohammed irfan












