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October 30, 2026 8:25 pm

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

पहले ही प्रयास में गुलाम मुहिउद्दीन ने 617, नूर सबा ने 540 अंक हासिल किए; स्कूल में गुलपोशी के साथ हुआ सम्मान

इटावा। शिक्षा के प्रति जज़्बा, संसाधनों की कमी को मात देकर मंज़िल पा लेता है – इसकी ताज़ा मिसाल बनी है अंजुमन हिदायतुल इस्लाम हाई स्कूल के दो छात्र। गुलाम मुहिउद्दीन, जिनके पिता एक हाफिज़ व क़ारी हैं और मदरसा चलाते हैं, ने अपने पहले NEET प्रयास में 617 अंक प्राप्त करके न सिर्फ परीक्षा पास की, बल्कि मेडिकल कॉलेज की राह भी आसान कर ली। वहीं, स्कूल की रसोइया श्रीमती शबनम की बेटी नूर सबा ने भी पहली ही कोशिश में 540 अंक के साथ यह प्रतिष्ठित परीक्षा क्वालीफाई की

यह क़ाबिल-ए-तारीफ़ है कि गुलाम मुहिउद्दीन के पिता धार्मिक शिक्षा से जुड़े हैं, जबकि नूर सबा के माता-पिता दोनों ही हाईस्कूल तक पढ़े हैं – लेकिन इन दोनों परिवारों ने अपनी सीमित पृष्ठभूमि को कभी बोझ नहीं बनने दिया। बल्कि, उनकी शिक्षा के प्रति ललक ने समाज को यह संदेश दिया है कि मेहनत और लगन के आगे हर बाधा छोटी है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य शाहनवाज अतहर और पूरे स्टाफ ने इन दोनों होनहारों का गुलपोशी (फूलों की माला पहनाकर) स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की दुआ माँगी। प्राचार्य ने कहा, “ये दोनों छात्र हमारे स्कूल का सिर्फ गौरव नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए मिसाल हैं। इन्होंने साबित किया कि अगर इरादा पक्का हो तो हालात कभी रास्ता नहीं रोक सकते।”

यह खबर खास तौर पर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सोचते हैं कि संसाधनों के अभाव में बड़े सपने नहीं देखने चाहिए। गुलाम और नूर सबा ने दिखा दिया – सपना देखो, तो पूरा दम लगाकर करो

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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