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October 31, 2026 10:26 pm

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

इटावा के 15 करोड़ के छा: स्कूल ही नहीं, ‘पेपर’ में बसे थे छात्र! इटावा का 15 करोड़ का ‘फर्जी स्कॉलरशिप कांड’ – EOW ने 154 लोगों को बनाया नामजद, एक गिरफ्तार

इटावा / कानपुर – शिक्षा के नाम पर हुई इस करोड़ों की ‘कागज़ी लूट’ ने पूरे विभाग को शर्मसार कर दिया है। साल 2008-09 का बहुचर्चित 15 करोड़ रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला अब EOW (आर्थिक अपराध शाखा) की जांच में ऐसे खुला कि सरकारी तंत्र के तार-तार बिखर गए। असल जिंदगी में जिन बच्चों का कोई अस्तित्व नहीं था, वही कागजों पर छात्रवृत्ति के हकदार बन गए!

EOW का बड़ा एक्शन: दो FIR, 154 आरोपी, तलवार लटकी

कानपुर यूनिट की EOW ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं:

एफआईआर घोटाले की राशि नामजद आरोपी

पहली ₹14 करोड़ 3 लाख 28 हजार 474 102 लोग

दूसरी ₹57 लाख 76 हजार 400 52 लोग

EOW ने पहला शिकंजा कसते हुए मुख्य आरोपी लाल सिंह (प्रबंधक) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब बाकी 153 आरोपियों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है – जल्द ही और नाम सामने आ सकते हैं।

कैसे चला यह ‘अस्तित्वहीन’ खेल?

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिन स्कूलों में छात्रवृत्ति भेजी गई, उनमें से बहुत से स्कूल कागजों में तो मान्यता प्राप्त थे, लेकिन धरती पर उनका कोई वजूद नहीं था!

· फर्जी स्कूलों में SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों की फर्जी संख्या दिखाई गई।

· शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बिना भौतिक सत्यापन के फाइलें पास कर दीं।

· समाज कल्याण विभाग ने आंखें मूंदकर करोड़ों सीधे खातों में उड़ेल दिए।

यानी बिना विद्यार्थी, बिना स्कूल के ही सरकारी खजाना खाली कर दिया गया!

इन 65 स्कूलों पर लगा है गंभीर आरोप

घोटाले की जद में आए 65 संस्थानों में ये नाम शामिल हैं (सूची का सिर्फ एक हिस्सा):

हजरत मोहम्मद साहब मेमोरियल, शिव शक्ति सरस्वती ज्ञान मंदिर, अनस मेमोरियल, बौद्ध भारती पब्लिक स्कूल, बीआरएस मेमोरियल कान्वेंट, महर्षि विवेकानंद मंदिर, दयानंद एंग्लो वैदिक, टैगोर एजुकेशनल और पंचशील शिक्षा निकेतन।

अफसरों ने दिया बड़ा बयान

जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) अतुल कुमार सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि EOW को स्कूलों, प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की पूरी लिस्ट दे दी गई है। हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है – जब स्कूल ही नहीं थे, तो मान्यता किस आधार पर दी गई?

अब EOW पूरी चेन को तोड़ने में जुटी है – रिकवरी की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, और हर एक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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