इटावा पानकुँवर इंटरनेशनल स्कूल के परिसर में आज उस समय एक नई ऊर्जा का संचार हुआ, जब करियर काउंसलिंग और भविष्य की राहों को संवारने के उद्देश्य से एक भव्य मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माता सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का भारी उत्साह देखने को मिला। आयोजन के केंद्र में न केवल आगामी शैक्षणिक सत्र की रूपरेखा थी, बल्कि देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं—NEET और JEE—में सफलता हासिल करने का एक स्पष्ट रोडमैप भी रखा गया।
इस विशेष अवसर पर विषय विशेषज्ञों और प्रबुद्ध जनों ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने सफलता के लिए केवल कड़ी मेहनत को ही पर्याप्त नहीं माना, बल्कि सही रणनीति, सटीक समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास को अनिवार्य बताया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय द्वारा शुरू किया गया वह नया शैक्षणिक मॉड्यूल रहा, जो अब GAIL India के अनुभवी फैकल्टी सदस्यों और शीर्ष विशेषज्ञों के नेतृत्व में संचालित होगा। इस दूरदर्शी कदम के साथ अब इटावा के प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय कोचिंग के लिए महानगरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उन्हें विद्यालय परिसर के भीतर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
कवि गौरव चौहान के प्रभावी संचालन में हुए इस कार्यक्रम में कैलाश चंद्र यादव ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति बताते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ करियर की सही दिशा देना है। वहीं प्रधानाचार्य अरविंद कुमार तोमर ने विद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराते हुए विश्वास जताया कि यह आधुनिक मॉड्यूल विद्यार्थियों को प्रतियोगी जगत में न केवल सक्षम बनाएगा, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के नए द्वार भी खोलेगा।
Author: Mohammed irfan













