रिपोर्ट इक़रार अहमद
इटाव उत्तर प्रदेश के परिवहन कार्यालयों (RTO/ARTO) को दलाल मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाया है। विभिन्न माध्यमों से मिल रही शिकायतों, जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज मामलों और कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरों के निष्क्रिय होने की सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा विशेष औचक निरीक्षण का रोस्टर जारी किया गया है।

इस व्यवस्था के तहत राज्य भर के संभागीय और उप-संभागीय परिवहन कार्यालयों की निष्पक्षता जांचने के लिए अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कार्यालयों में संदिग्ध या अनधिकृत व्यक्तियों और दलालों की गतिविधियों, तथा अनधिकृत मध्यस्थता पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही, दफ्तरों में तैनात सरकारी कर्मचारियों व आउटसोर्सिंग कर्मियों की संख्या, स्वीकृत पदों और उनके अनिवार्य पहचान-पत्रों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 10 कार्यदिवस के भीतर निरीक्षण आख्या मुख्यालय को सौंपें ताकि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

निरीक्षण व्यवस्था और विभागीय गतिविधियों के दौरान एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार देशमणि, वरिष्ठ लिपिक अमित शुक्ला तथा संभागीय निरीक्षक (RI) अखिलेश कुमार सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान वरिष्ठ लिपिक अमित शुक्ला द्वारा कक्षों पर अनिवार्य विवरण व संख्या अंकित कराने का कार्य कराया गया, वहीं अन्य पटल सहायकों की उपस्थिति का भी सत्यापन किया गया।
Author: Mohammed irfan













