इटावा शहर के प्रतिष्ठित संत जगदीशानंद स्कूल की प्रबंधक निधि दीक्षित का व्यक्तित्व और उनका जीवन परिचय किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वरिष्ठ समाजसेवी श्यामा रंजन दीक्षित की सुपुत्री निधि दीक्षित का जन्म इटावा की पावन धरती पर हुआ, जहाँ उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। अपनी उच्च शिक्षा के अंतर्गत कानपुर से एम.ए. इंग्लिश और बी.एड. की डिग्री प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने अपने गुरु के मार्गदर्शन में प्रोफेशनल एस्ट्रोलॉजी का भी ज्ञान अर्जित किया।
वर्ष 2000 में स्थापित संत जगदीशानंद स्कूल, टिक्सी मंदिर के माध्यम से निधि दीक्षित ने न केवल शिक्षा का दीप प्रज्ज्वलित किया है, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित कर दिया है। आज उनके विद्यालय में हर वर्ग के बच्चे एक समान शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वे शिक्षा को सर्वोपरि मानती हैं और उनका दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा के बिना बच्चों का भविष्य अंधकारमय है, क्योंकि यही बच्चे देश की वास्तविक धरोहर और भविष्य हैं। इसी निष्ठा के साथ वे समाज के निर्धन वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का पुनीत कार्य भी निरंतर कर रही हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन और शिक्षा का ही परिणाम है कि आज उनके द्वारा पढ़ाए गए छात्र देश के विभिन्न कोनों में डॉक्टर, इंजीनियर और उच्च पदों पर आसीन होकर समाज की सेवा कर रहे हैं। निधि दीक्षित का स्पष्ट मानना है कि यदि शिक्षा है, तो सब कुछ संभव है और उनका संपूर्ण जीवन इसी सेवा भाव और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य के प्रति समर्पित रहेगा।











