इटावा, 2 जुलाई। सदर तहसील परिसर में जर्जर भवन गिरने से एक मजदूर की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के जिलाध्यक्ष डा. शमशाद हुसैन वारसी के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि 29 जून 2026 को सदर तहसील परिसर में ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान मलबा गिरने से मजदूर साहिल पुत्र राजू खान की दर्दनाक मृत्यु हो गई, जबकि शोएब पुत्र छोटे गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्टी का कहना है कि यदि ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों, श्रम कानूनों अथवा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की अनदेखी हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
AIMIM ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही मृतक मजदूर के परिजनों को ₹50 लाख का मुआवजा, परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी अथवा समकक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। गंभीर रूप से घायल मजदूर का समुचित उपचार सरकारी खर्च पर कराए जाने के साथ उसे भी उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जनपद में संचालित सभी सरकारी निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कार्यों में श्रमिक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। इसके अलावा यह जांच कराई जाए कि संबंधित कार्य शुरू होने से पहले तकनीकी निरीक्षण, बैरिकेडिंग, सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था तथा आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां विधिवत प्राप्त की गई थीं या नहीं।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डा. शमशाद हुसैन वारसी ने कहा कि पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि इस घटना में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।











