अब्दुल्ला अख़्तर
कार्रवाई की जगह ‘बाल’ पकड़कर दिखाई मर्दानगी; वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में हड़कंप
छिबरामऊ: सौरिख कस्बे में पुलिस का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने खाकी को फिर से शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक (एडिशनल इंस्पेक्टर) ने मामूली बात पर एक शिकंजी विक्रेता की बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई कर दी। अधिकारी ने न केवल युवक को थप्पड़ जड़े, बल्कि उसके बाल पकड़कर उसे बुरी तरह झकझोरा। यह पूरी अमानवीय घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं हालांकि हम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार की है। अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन पाल अपने हमराहियों के साथ गश्त से लौट रहे थे। थाना रोड पर एक शिकंजी विक्रेता अपना ठेला लगाए खड़ा था। आरोप है कि निरीक्षक पाल ने अचानक अपनी जीप रुकवाई और तीन अन्य पुलिसकर्मियों के साथ नीचे उतरे। बिना किसी ठोस चेतावनी के उन्होंने विक्रेता पर थप्पड़ों की बौछार कर दी और उसके बाल पकड़कर उसे प्रताड़ित किया।
निरीक्षक की दलील: ‘जाम लगा था इसलिए पीटा’
मामला तूल पकड़ते देख एडिशनल इंस्पेक्टर ब्रजमोहन पाल ने अपनी सफाई पेश की है। उनका कहना है कि थाना रोड पर ठेले की वजह से जाम की स्थिति बनी हुई थी, जिसे हटवाने के लिए उन्होंने कार्रवाई की। हालांकि, वीडियो में दिख रही बर्बरता इस दलील को पूरी तरह खोखला साबित कर रही है।
इस घटना ने सौरिख पुलिस की दोहरी कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि अक्सर उन चौराहों और तिराहों पर मौन साधे रहती है जहाँ ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के कारण दिनभर भीषण जाम लगा रहता है, रसूखदारों और डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस अपना रौब रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों पर झाड़ती है।
घटना का संज्ञान लेते हुए प्रभारी निरीक्षक जयंती गंगवार ने बताया कि मारपीट का वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।











