लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं होने से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।गुस्साए अभ्यार्थियों ने आज सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया।बड़ी संख्या में अभ्यार्थी मंत्री आवास पर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिसके चलते हजारों आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए।
अभ्यार्थी आज सुबह से ही मंत्री संदीप सिंह के आवास के सामने इकट्ठा होना शुरू हो गए,जिसके बाद उन्होंने सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।शिक्षक भर्ती को लेकर विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मंत्री के आवास पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
69000 शिक्षक भर्ती का मामला लंबे समय तक हाई कोर्ट में चला और अंततः 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि तीन महीने के भीतर सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए,लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने इस आदेश का पालन नहीं किया,जिससे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।
अभ्यर्थियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई लंबित है,लेकिन सरकार वहां भी इस मामले में मजबूत पैरवी नहीं कर रही है। अब 25 मार्च को अगली सुनवाई होनी है, लेकिन तब तक अभ्यर्थियों की अनिश्चितता बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए ये पांच साल बेहद मुश्किल भरे रहे हैं।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा कि हम पिछले कई वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। हाई कोर्ट से हमें राहत मिली, लेकिन सरकार ने लापरवाही बरती और अब सुप्रीम कोर्ट में भी मामले को लटकाया जा रहा है, हमें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा, हमारी मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करे और हमें जल्द न्याय दिलाए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।











