इटावा, 20 अप्रैल: यमुना-चंबल के बीहड़ों में गर्मी का कहर आम इंसानों के साथ-साथ जंगली जानवरों पर भी भारी पड़ रहा है। धूप से बचाव के लिए न तो पानी काफी है और न ही छांव। ऐसे में इटावा सफारी पार्क प्रशासन ने वन्य जीवों को लू और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए अनोखी और कारगर तैयारियां की हैं।
विशेष इंतजाम – एक नजर में
सुविधा कहाँ? क्यों?
फूस के छप्पर सफारी क्षेत्र प्राकृतिक छाया
ख़स की चटाई + पानी नाइट सेल की खिड़कियों पर तापमान नियंत्रण
डेज़र्ट कूलर विभिन्न बाड़ों में ठंडी हवा
एसी ब्रीडिंग सेंटर, पार्चुरिशन हाउस शेरनी व नवजात शावकों के लिए शांत वातावरण
फॉगर मशीन सफारी क्षेत्र, क्राल, लायन हाउस-2 हवा में नमी
ट्यूबवेल से जल भराव डियर व एंटीलोप सफारी के तालाब हिरणों को तापमान नियंत्रित करने का स्थान
बुजुर्ग शेर ‘गीगो’ की तबीयत हुई सुधरी – डॉक्टरों ने बचाई जान
लॉयन हाउस-2 में रहने वाले वृद्ध बब्बर शेर गीगो पिछले कुछ दिनों से कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) से परेशान थे।
15 अप्रैल 2026 को डॉ. आर.पी. पाण्डे (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, सर्जरी विभाग, पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय) ने उनका इलाज किया।
अब गीगो पूरी तरह स्वस्थ है और खूब आहार-पानी ले रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती उम्र में बब्बर शेरों में कब्ज की समस्या सामान्य है, लेकिन समय पर इलाज जरूरी है।
🕡 सफारी पार्क के समय में बदलाव – सुबह 6:30 बजे से खुला
गर्मी के मौसम को देखते हुए 1 अप्रैल 2026 से सफारी पार्क के खुलने का समय प्रातः 6:30 बजे कर दिया गया है।
क्योंकि सुबह-सुबह और देर शाम वन्य जीवों में सबसे ज्यादा सक्रियता होती है – पर्यटकों के लिए यह सुनहरा अवसर है।
🐻 भालू, तेंदुआ, हिरण सबके लिए अलग व्यवस्था
· भालू और लेपर्ड हाउस – कूलर + ख़स की चटाई से ठंडा
· सांभर व बारहसिंघा – तालाबों में लगातार पानी
· वृद्ध बब्बर शेर – बारी-बारी से सफारी पार्ट-2 में छोड़े जा रहे, ताकि बड़े क्षेत्र में घूमकर एक्सरसाइज कर सकें
“हमारी पूरी कोशिश है कि गर्मी के इस मौसम में भी सभी वन्य जीवों को प्राकृतिक और आरामदायक वातावरण मिले। बुजुर्ग शेरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”
— डॉ. विनय कुमार सिंह, उप निदेशक, इटावा सफारी पार्क
आप भी जाइए इटावा सफारी, देखिए कैसे जानवरों के लिए चल रही है ‘गर्मी राहत मुहिम’!











