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November 2, 2026 1:24 am

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जिलाधिकारी ने PET-2026 परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, नकलविहीन एवं सकुशल परीक्षा के दिए सख्त निर्देश इटावा, 30 अक्टूबर 2026 — उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दृष्टिगत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा तथा जन सहयोगी बालिका इंटर कॉलेज, बसरेहर एवं मनभावती कुंवरी जन सहयोगी इंटर कॉलेज, बसरेहर में पहुंचकर परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोकने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ करें, ताकि PET-2026 की परीक्षा जनपद में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

डिप्टी सीएमओ कार्यालय से डिप्टी सीएमओ रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

इटावा उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आज इटावा में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) और एंटी करप्शन की टीम ने एक संयुक्त व सुनियोजित जाल बिछाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में तैनात डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

​यह पूरी कार्रवाई सेंटर संचालन की अनुमति देने के नाम पर की जा रही अवैध वसूली से जुड़ी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, डिप्टी सीएमओ ने सेंटर के संचालन की अनुमति देने के एवज में भारी-भरकम पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। काफी मान-मनौव्वल और सिफारिशों के बाद यह डील साढ़े तीन लाख रुपये में तय हुई। जैसे ही पीड़ित ढाई लाख रुपये की पहली किस्त लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचा और उसने डिप्टी सीएमओ को रकम सौंपी, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

​भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में स्वास्थ्य विभाग के इतने बड़े अधिकारी पर शिकंजा कसे जाने से कार्यालय के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विजिलेंस की टीम ने मौके पर ही नोटों की बरामदगी और केमिकल टेस्ट जैसी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ लेकर गुप्त स्थान पर रवाना हो गई, जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी व दंडात्मक कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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