इटावा – सोशल मीडिया पर इन दिनों जिस वीडियो ने तहलका मचा रखा था, अब उसकी असियत खुलकर सामने आ गई है। टीएसआई सूबेदार सिंह के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार साबित हुए हैं। वायरल वीडियो को लेकर जो चर्चाएँ थीं, वो महज़ भ्रम और गलतफहमी पर आधारित निकलीं।
वीडियो किसने बनाया? सच हैरान करने वाला
जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो एक निजी कार्यक्रम के दौरान वहाँ मौजूद एक महिला ने अपनी मर्जी से बनाया था।
टीएसआई सूबेदार सिंह उस कार्यक्रम में सामान्य उपस्थिति के तौर पर गए थे।
उनका न तो वीडियो बनाने में कोई हाथ था, न ही बनवाने में।
यह आरोप कि उन्होंने वर्दी में रील बनाई, बिल्कुल झूठा और बेबुनियाद है।
गाने को लेकर भी उलटी तस्वीर
वायरल वीडियो में जो गाना बज रहा था, वह कार्यक्रम स्थल पर लाउडस्पीकर पर चल रहा था – टीएसआई ने न वह गाना चुना, न उस पर कोई नियंत्रण था।
क्या किसी कार्यक्रम में शामिल हर व्यक्ति को वहाँ बजने वाले गीतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? बिल्कुल नहीं!
पुलिस विभाग की सख्ती और टीएसआई की सफाई
पुलिस विभाग ने वर्दी में रील बनाने पर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं, लेकिन इस मामले में:
टीएसआई ने कोई रील नहीं बनाई
जानबूझकर किसी विवादित गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया
वीडियो उनकी इच्छा या जानकारी के बिना बनाया गया
आम जनता से अपील – सिर्फ आपकी समझदारी से रुकेगी अफवाह!
बिना सत्यापन के किसी भी वायरल सामग्री को आगे न बढ़ाएँ।
भ्रामक सूचनाओं से बचें और दूसरों को भी जागरूक करें।
अब सच सामने है – टीएसआई सूबेदार सिंह बेकसूर हैं। यह पूरा मामला तथ्यों से परे, अफवाहों और गलत व्याख्या का शिकार था। अगर कोई वीडियो वायरल हो, तो उसे समझदारी से देखें, सच जानें और फिर ही शेयर करें।











