इटावा, 20 मार्च 2025: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज बुलंदशहर और गाजियाबाद में बिजली पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में बिजली के निजीकरण के पीछे भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई।
बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन जारी रखा। संयुक्त संघर्ष समिति इटावा के संयोजक विवेक कुमार सिंह, SDO सह संयोजक आनंद पाल, अधिशाषी अभियंता एचपी मिश्रा, सचिव गगन अग्निहोत्री, SDO राहुल कुमार, पीयूष मौर्य, SDO शिक्षक संघ ATEVA के जिलाध्यक्ष अजय यादव, अवर अभियंता संघ सचिव वीरेंद्र, बाबु संवर्ग के सचिव राम जी, TG2 संघ सचिव मदन यादव और अन्य साथियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विरोध सभा की।
संघर्ष समिति ने निजीकरण के पीछे हो रहे भ्रष्टाचार और आम उपभोक्ताओं को होने वाली तकलीफों को उजागर करने के लिए 09 अप्रैल को लखनऊ में विशाल रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। इससे पहले 24 मार्च को मेरठ में और 29 मार्च को वाराणसी में बिजली महा पंचायत आयोजित की जाएगी।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जहां एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ सभी कार्यों में पारदर्शिता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन पारदर्शिता के सिद्धांत को ताक पर रखकर बिजली के निजीकरण हेतु भ्रष्टाचार से ओतप्रोत होकर कार्य कर रहा है।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन बिडिंग की सामान्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहा है और निजीकरण करने हेतु इतना उतावला है कि कन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट की अनदेखी कर ट्रांजैक्शन कंसलटेंट नियुक्त करने हेतु बीड खोली जा रही है।
संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के पीछे बड़े भ्रष्टाचार से प्रदेश की आम जनता को अवगत कराने के लिए हर जिले में बिजली पंचायत करने का निर्णय लिया है। आज बुलंदशहर और गाजियाबाद में बिजली पंचायत आयोजित की गई। गाजियाबाद की बिजली पंचायत में गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ के बिजली कर्मचारी सम्मिलित हुए।
बुलंदशहर और गाजियाबाद की बिजली पंचायत में एक प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार से मांग की गई है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के 42 जनपदों में की जा रही निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए।
आज वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, हरदुआगंज, पारीछा, ओबरा, पिपरी और अनपरा में भी विरोध सभाएं हुईं।
विवेक कुमार सिंह
संयोजक, संयुक्त संघर्ष समिति, इटावा
संपर्क: 9412748803











