प्रयागराज।दिल्ली और वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत मथुरा,आगरा,इटावा,लखनऊ,रायबरेली,प्रयागराज,भदोही और वाराणसी के गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कल बुधवार शाम संगम सभागार में प्रयागराज और प्रतापगढ़ के डीएम,अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और परियोजना के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद औपचारिक प्रक्रिया को तेज किया गया है।
यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर नोएडा (जेवर),आगरा, लखनऊ और प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक जाएगा।कुल प्रस्तावित मार्ग लगभग 865 किलोमीटर लंबा है।भूमि अधिग्रहण नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसानों और भूस्वामियों को मुआवजा मिलेगा।
लखनऊ में स्टेशन बनाने के लिए किसान पथ,वृंदावन योजना, इकाना स्टेडियम और गोमती रिवरफ्रंट जैसे स्थानों पर विचार किया जा रहा है।प्रयागराज में सोरांव तहसील क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के आसपास स्टेशन बनाने पर विमर्श चल रहा है।
भूमि अधिग्रहण और निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली से वाराणसी का सफर सिर्फ छह घंटे में पूरा होगा।प्रयागराज से वाराणसी मात्र 30 मिनट में और प्रयागराज से लखनऊ की दूरी 55 मिनट में पूरी होगी।
एडीएम नमामि गंगे व भूअध्याप्ति अधिकारी संजीव शाक्य ने बताया कि यह परियोजना अभी प्राथमिक स्तर पर है। बुधवार की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होगी।











