इटावा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी निगरानी ने रचा इतिहास, परिजनों ने की सराहना
घटना: 17 अगस्त 2026, दोपहर 12:30 बजे – स्कूल की छुट्टी के बाद 10 वर्षीय राघव उर्फ शिवांग प्रताप बिना बताए घर नहीं लौटा।
स्थान: कृष्णा कलां किड्स स्कूल, भरथना चौराहा, थाना फ्रेंड्स कॉलोनी, इटावा।
पुलिस की तत्परता: सूचना मिलते ही थाना फ्रेंड्स कॉलोनी ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया।
तकनीकी जाल: स्कूल, गलियों, चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जाँच की गई।
खुलासा: फुटेज में बालक स्कूल बैग लेकर रेलवे स्टेशन की ओर जाता दिखा।
समन्वय: रात 1:00 बजे तक लगातार सर्च, साथ ही GRP व RPF इटावा को सूचना साझा की गई।
बरामदगी: बालक दिल्ली थाना कश्मीरी गेट पर मिला – उसने ट्रेन से दिल्ली जाने की बात बताई।
परिजनों को सौंपा: परिजन दिल्ली पहुँचे और बालक को सकुशल घर ले आए।
प्रशंसा: परिजनों ने इटावा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सजगता और तकनीक के बेहतरीन इस्तेमाल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
ऑपरेशन त्रिनेत्र – तकनीक + मानवीय संवेदनशीलता की जीत
समय: मात्र 12 घंटे में दिल्ली से बालक सुरक्षित
पुलिस टीम: थाना फ्रेंड्स कॉलोनी की सतर्कता ने बचाई बच्चे की जान
परिजनों का आभार:
“इटावा पुलिस ने जिस तत्परता और लगन से हमारे बच्चे को ढूँढ़ा, वह हम कभी नहीं भूल सकते। सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग और टीम की रात-रात भर की मेहनत ने हमें हमारा राघव वापस दिया।”
इटावा पुलिस का संदेश:
“24×7 आपकी सुरक्षा के लिए तत्पर – तकनीक से भी, मानवता से भी।”
(वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में यह अभियान सफल हुआ।)
यह कार्रवाई साबित करती है कि सही तकनीक और सूझबूझ से हर संकट का समाधान संभव है।
Author: Mohammed irfan













