सफाई कर्मी के पटल पर बैठकर फाइलों को दबाने और अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का भी लगा गंभीर आरोप; विभागीय जांच की मांग।
अब्दुल्ला अख्तर
छिबरामऊ (कन्नौज):
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के युवा प्रदेश अध्यक्ष इंजी. सौरभ यादव ने नगर पालिका परिषद छिबरामऊ के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) को एक शिकायती पत्र सौंपकर जी.टी. रोड पूर्वी बाईपास पर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय के पास हो रहे अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध संचालन को जल्द बंद नहीं कराया गया, तो किसानों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
अधिशाषी अधिकारी को भेजे गए पत्र में भाकियू (बलराज) के युवा प्रदेश अध्यक्ष ने अवगत कराया कि नगर पालिका परिषद छिबरामऊ के अंतर्गत जी.टी. रोड पूर्वी बाईपास पर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय की बाउंड्रीवाल के ठीक बाहर सार्वजनिक फुटपाथ और सरकारी भूमि पर गंभीर रूप से अतिक्रमण किया गया है। आरोप है कि सैयदवाड़ा निवासी साजिद खान नामक व्यक्ति द्वारा वहां अवैध रूप से खोखा (दुकान) रखकर व्यावसायिक रूप से गाड़ियों के डेंट-पेंट का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि डेंट-पेंट के काम के कारण मुख्य बाईपास मार्ग पर हर समय गाड़ियां खड़ी रहती हैं, जिससे सड़क पर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है और भयंकर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, चिकित्सालय में आने वाले किसानों और बीमार पशुओं को अंदर जाने-आने में बेहद गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, गाड़ियों के कार्य में इस्तेमाल होने वाले अत्यधिक ज्वलनशील रसायनों और थिनर के खुलेआम प्रयोग से क्षेत्र में किसी भी समय भीषण आग लगने की आशंका बनी रहती है।
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने नगर पालिका के ही एक सफाई कर्मचारी पर गंभीर प्रशासनिक अनियमितता के आरोप लगाए हैं। पत्र के अनुसार, सफाई कर्मचारी रमेश यादव मूल पद पर कार्य करने के बजाय पटल (बाबू की सीट) पर बैठकर फाइलों को दबाने का काम कर रहे हैं। साथ ही, उन पर जी.टी. रोड बाईपास पर अवैध खोखा संचालित करने वाले अतिक्रमणकारियों को कथित तौर पर संरक्षण देने और पालिका के विधिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
भाकियू (बलराज) द्वारा की गई प्रमुख मांगें हैं कि राजकीय पशु चिकित्सालय की बाउंड्रीवाल के बाहर सरकारी भूमि और फुटपाथ से तत्काल अवैध खोखा हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाए,प्रशासनिक अनियमितता का संज्ञान लेते हुए सफाई कर्मचारी रमेश यादव को तत्काल बाबू के कार्य से हटाया जाए और उन्हें उनके मूल पद ‘सफाई कर्मचारी’ पर वापस भेजकर फील्ड में तैनात किया जाए, नियम विरुद्ध तरीके से एक सफाई कर्मचारी को बाबू का महत्वपूर्ण कार्य सौंपने वाले पटल प्रभारी और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी कड़ी विभागीय जांच संस्थित की जाए।
इस मामले में संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों और आम रास्तों पर अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर शिकायत और विभागीय मिलीभगत के आरोपों पर क्या कदम उठाता है।











