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July 26, 2026 7:09 am

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कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई

इटावा 01 जुलाई, 2026-जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान, एनसीडी स्क्रीनिंग, ई-संजीवनी सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पी0एम0एस0एम0ए पोर्टल)की समीक्षा करते हुए कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से संबंधित प्रकरण अत्यंत संवेदनशील हैं। यह मातृ मृत्यु दर को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण संकेतक है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला की समयबद्ध पहचान कर नियमित निगरानी एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

एच0एम0आई0एस मासिक डाटा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कुछ स्वास्थ्य संकेतकों की उपलब्धि निर्धारित मानकों से कम है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक वी0एच0एस0एन0डी सत्र नियमित रूप से आयोजित हो तथा उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक आयोजित कर उन्हें वीएचएसएनडी की उपयोगिता एवं कार्यप्रणाली के संबंध में प्रशिक्षित किया जाए। जिन क्षेत्रों में एएनएम की कमी है वहां रोस्टर के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मातृ मृत्यु सर्विलांस एवं प्रतिक्रिया ऑडिट की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों की लापरवाही अथवा कार्यप्रणाली के कारण मातृ मृत्यु के मामलों में प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होती है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

ई-संजीवनी की समीक्षा के दौरान विकासखंड बढ़पुरा में प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पृथक बैठक आयोजित कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

गैर संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं ब्रेन हेमरेज जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम नियमित जांच से संभव है। विशेष रूप से 55-60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित स्क्रीनिंग की जाए तथा जिन मरीजों में समस्या पाई जाए उन्हें निरंतर दवा एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए। सभी सीएचओ एवं चिकित्सा अधिकारियों को इस अभियान में विशेष रुचि लेकर कार्य करने के निर्देश दिए।

पी0एम0टी0- बी0एम0बी वर्ष 2026 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय अभियान में उन्होंने कहा कि लगातार अभियान चलाये एवं अधिक से अधिक संभावित मरीजों की खोज, जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया।

आर0बी0एस0के (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की समीक्षा में 92.12 प्रतिशत उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने इसे और बेहतर बनाने के निर्देश दिए ताकि सभी बच्चों तक स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा पहुंचे।

बैठक में जिला स्वास्थ्य रैंकिंग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल 2026 की रैंकिंग में इटावा जनपद प्रदेश के 75 जनपदों में 30वें स्थान पर है। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण संकेतक है। जिन बिंदुओं पर जनपद कमजोर है उनकी पहचान कर विशेष कार्ययोजना बनाकर शीघ्र सुधार किया जाए। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण की शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित करें तथा सभी 15 प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा कर उनमें सुधार लाएं।

आभा आईडी की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विशेष रूप से इटावा शहरी क्षेत्र, ताखा एवं चकरनगर में प्रगति सुधारने के निर्देश दिए।

ऐन0क्यू0ऐ0एस प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रमाणपत्र प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता मानकों को निरंतर बनाए रखना भी आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा आवश्यक संसाधनों की नियमित समीक्षा कर कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।

बायोमेडिकल वेस्ट प्राधिकरण स्थिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण की शिकायतें सामने आ रही हैं। मेडिकल स्टाफ को बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए तथा इस संबंध में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वार्ड अथवा स्वास्थ्य संस्थानों का सामान्य कचरा बायोमेडिकल वेस्ट के साथ न मिलाया जाए तथा सभी कर्मचारी निर्धारित मानकों के अनुसार सावधानीपूर्वक अपशिष्ट का निस्तारण सुनिश्चित करें।

आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं एवं पंचायत सहायकों को अभियान से जोड़ते हुए आगामी 10 दिनों का विशेष अभियान चलाकर कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद की प्रगति संतोषजनक नहीं है, इसलिए इसमें तत्काल सुधार लाया जाए।

पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बूथ दिवस पर छूटे हुए सभी बच्चों का डोर-टू-डोर अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं बाजार जैसे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए और कहा कि इस अभियान की राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी होती है।

एच0पी0वी टीकाकरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित कर टीकाकरण से पूर्व प्रभावी काउंसलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को एच0पी0वी वैक्सीन के लाभों तथा इससे बचाव होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए, जिससे अधिक से अधिक छात्राओं का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके।

उक्त बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष) परितोष शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (महिला) अनिल कुमार, समस्त एम0ओ0आई0सी सहित समस्त संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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