Explore

Search

August 25, 2026 10:47 am

अक़ीदत और धूमधाम के साथ उठे ताज़िये, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा नगर

अब्दुल्ला अख़्तर
छिबरामऊ।
नगर में 10 मोहर्रम (यौम-ए-आशूरा) का पर्व बेहद अक़ीदत, एहतराम और शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया। कर्बला के शहीदों और इमाम-ए-हुसैन की याद में नगर के विभिन्न मोहल्लों से लगभग 30 भव्य ताज़िये पूरी धूमधाम और अक़ीदत के साथ उठाए गए। इस दौरान पूरा माहौल ‘या हुसैन, या हुसैन’ की सदाओं से गुंजायमान रहा।
ताज़ियों का मुख्य जुलूस ऊँचा बिरतिया से शुरू होकर मोहल्ला लाहौरी टोला, सैयद बाड़ा, और जरकिला से होते हुए जामा मस्जिद पहुँचा। यहाँ से जुलूस पारंपरिक रास्तों से होते हुए मुख्य बाज़ार की तरफ बढ़ा। अक़ीदतमंदों का हुजूम ताज़ियों की एक झलक पाने और मन्नतें माँगने के लिए उमड़ पड़ा।
मुख्य बाज़ार से होते हुए ताज़ियों का कारवां भोंदू शाह बाबा की मज़ार पर पहुँचा। यहाँ सभी ताज़ियादारों और अक़ीदतमंदों ने पूरी शिद्दत के साथ मज़ार शरीफ़ पर सलामी पेश की। इसके बाद ज़ायरीन और जुलूस आगे की ओर रवाना हुआ, जहाँ गमगीन माहौल में सभी ताज़ियों को कर्बला की पवित्र मिट्टी में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।
हुसैनी साजू उर्फ़ अज्जू ने बताया मोहर्रम का यह दिन हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम-ए-हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद दिलाता है, जिन्होंने हक़ और सच्चाई की खातिर कर्बला के मैदान में अपनी जान न्योछावर कर दी थी। जुलूस के दौरान अंजुमनों ने नौहाख़्वानी की और इमाम-ए-हुसैन के पैग़ाम को याद कर सबकी आँखें नम हो गईं। लोगों ने सबीलें लगाकर अक़ीदतमंदों को पानी और शरबत भी पिलाया।
इस शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय कमेटियों और नगरवासियों का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर मुख्य रूप से साजू उर्फ़ अज्जू, जुबैर, आसिफ़, हाशिम, अकरम, ज़क़ील, शानू, समीर, रानू, अहसन, शाहिद, इरशाद, अली नियाज़ी, अरमान नियाज़ी,आरिफ़, अरबाज़ और निहाल सहित भारी संख्या में अक़ीदतमंद और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सुरक्षा के मद्देनज़र स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मुस्तैद नज़र आया, जिससे पूरा कार्यक्रम शांति और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

Live Tv
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर