इटावा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर इटावा शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य का एक अनूठा मेल देखने को मिला। ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘योग ही जीवन’ के संदेश को चरितार्थ करने के लिए नगरपालिका परिषद इटावा के तत्वावधान में एक भव्य स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस मौके पर शहर के जाने-माने ब्रांड एंबेसडर, सामाजिक कार्यकर्ता, पार्षदगण और नगरपालिका के अधिकारी-कर्मचारी सभी एक मंच पर जुटे।

स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर एवं व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित ने इस अभियान की कमान संभालते हुए कहा, “योग शरीर को भीतर से शुद्ध करता है, वहीं स्वच्छता हमारे आस-पास के वातावरण को शुद्ध करती है। योग दिवस से पहले यह अभियान इस बात का प्रतीक है कि स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक व्यायाम के साथ-साथ साफ-सफाई भी उतनी ही जरूरी है।” उन्होंने सभी नागरिकों से एक बार फिर से ‘एक समय, एक स्थान’ पर एकत्रित होकर सफाई की शपथ लेने का आग्रह किया।

इस मौके पर स्थानीय पार्षद एवं ब्रांड एंबेसडर सौम्य वर्मा तरुण ने कहा कि यह अभियान केवल सड़कों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के मन में जागरूकता की वह ज्वाला जलाने का काम करता है, जो आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सभ्य बनाएगी। उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर न केवल कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया, बल्कि युवाओं को भी इस मुहिम से जोड़ने का संदेश दिया।
अभियान में सर्प मित्र आशीष त्रिपाठी,सभासद सौम्य तरुण बर्मा,मोहम्मद इरफान, और इसरार अहमद की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने पर्यावरण संतुलन और स्वच्छता के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। आशीष त्रिपाठी ने कहा कि गंदगी के कारण ही कई बार जहरीले सरीसृप और कीट-पतंगे इंसानी आबादी की तरफ रुख करते हैं, इसलिए स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण का आधार स्तंभ है। वहीं, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हरिशंकर पटेल ने इस अभियान को जन-जन का अभियान बताते हुए कहा कि जब तक आम नागरिक अपनी गलियां साफ नहीं रखेंगे, तब तक कोई भी सरकारी योजना अपने पूर्ण लक्ष्य को नहीं पा सकती। उन्होंने शहरवासियों से योग दिवस पर अपने आस-पास कम से कम एक किलोमीटर का क्षेत्र स्वच्छ बनाने की अपील की।
नगरपालिका परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पूरी टीम भावना के साथ इस मुहिम में अपना योगदान दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि योग दिवस के बाद भी शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और घाटों पर विशेष साफ-सफाई की जाएगी। उन्होंने सभी ब्रांड एंबेसडरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के इस सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि इन हस्तियों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचना और उन्हें प्रेरित करना संभव हो पाता है।
इस अवसर पर शहर के व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवी संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ‘स्वस्थ रहे, स्वच्छ रहे’ का नारा लगाते हुए एक दूसरे को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई करते हुए पूरे इटावा में एक उत्साही माहौल बना दिया। यह अभियान साबित करता है कि इटावा स्वच्छता और सामाजिक समरसता की दिशा में लगातार अग्रसर है।











