इटावा। शहीदे आज़म इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की याद में मोहर्रम में शिया समाज ने शहर के विभिन्न इमाम बारगाहों में मजलिसों का आयोजन कर गमे हुसैन मनाया
फोटो – मजलिस में तकरीर करते हुये मौलाना डा. सैयद एजाज़ अली बिहार।

घटिया अजमत अली इमाम बारगाह में आयोजित मजलिस में तकरीर करते हुये मौलाना डा. सैयद एजाज़ अली सीवान बिहार ने कहा बिस्मिल्ला में वो बरकत है अगर इंसान इसका विरद कर ले तो उसकी तमाम परेशानियां दूर हो जाएंगी, इंसान हर काम से पहले बिस्मिल्ला पढ़े तो उसके मुश्किल काम भी आसान हो जाते हैं। रसूल अल्लाह फरमाते हैं मां की गोद से कब्र तक इल्म हासिल करो। उन्होंने कहा कि इस्लाम मे हमला नहीं डिफेंस है। मौला अली, हसन, हुसैन और मौला अब्बास ने हमला नहीं डिफेंस किया। दुनिया मे सिर्फ डिफेंस मिनिस्टर ही मिलेंगे।
समाजसेवी शावेज़ नक़वी ने बताया कि आलमपुरा इमाम बारगाह में आयोजित मजलिस में मौलाना सैयद अली मेहदी जैदी नजफी ने तकरीर की। पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में गुलामुस सैयदेन, शरीफ मंजिल सैदबाड़ा में राहत अक़ील शक्कन, शब्बर अक़ील की ओर से आयोजित मजलिसों में मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने तकरीर की। इसके अलावा सराये शेख स्थित जहूर नक़वी के मकान व आलमपुरा स्थित अयाज़ हुसैन बबलू के मकान पर मजलिसों का आयोजन किया गया। मजलिसों में सलीम रज़ा, जहूर नक़वी, सफीर हैदर ने सोज ख्वानी, तनवीर हसन, राहिल सगीर ने नोहा ख्वानी की। मजलिसों में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, राहत हुसैन रिज़वी, समर अब्बास, नजमुल हसन, शावेज़ नक़वी, आदिल अख्तर गुडडू, टीएच रिज़वी, शारिक सगीर शानू, आतिफ एड., हम्माद, सुहेल हसन, जुनैद, जावेद, राशिद, इबाद रिज़वी, हसन अली, जमीर अली, अमीर हैदर, मिनहाज नक़वी सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।











