Explore

Search

August 24, 2026 1:56 pm

इटावा : अली के लालों की कुर्बानी से सीखें मानवता का सबक, आपसी भाईचारे से मनाएं ये पवित्र पर्व”

इटावा (उत्तर प्रदेश) – भारतीय किसान यूनियन भानु के वरिष्ठ नेता एवं जिला अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ ने मुहर्रम-उल-हरम के अवसर पर एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि “मुहर्रम” सिर्फ़ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, एकता और “इंसानियत” की रक्षा का सबसे बड़ा पैगाम है। इस पवित्र मौके पर हम सभी को अपनी सांप्रदायिकता भूलकर गले मिलना चाहिए और इस पर्व को सामूहिक भावना से मनाना चाहिए”।

 

हनीफ ने अपने बयान में कहा, “इंसानियत को बचाने के लिए हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों—यानी अली के लालों—ने फ़रात के सूखे पानी तक से वंचित रहकर भी जुल्म के खिलाफ कुर्बानी दी। उनकी ये शहादत हमें सिखाती है कि जब हक़ और इंसाफ की बात हो, तो हर मुसीबत को झेलना पड़े, पर सत्य से समझौता नहीं करना चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में एक-दूसरे के दुख-सुख में शरीक होना, गरीबों की मदद करना, और फिजूल के झगड़ों से बचना ही असली श्रद्धांजलि होगी।

 

किसान नेता ने इटावा के सभी समुदायों से अपील करते हुए कहा कि मुहर्रम के जुलूस और मजलिसों में केवल मुस्लिम भाई ही नहीं, बल्कि हर धर्म के लोग शामिल हों, क्योंकि यह पर्व किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए नेकी और धैर्य का संदेश है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से कहा कि वे सोशल मीडिया पर बिखराव वाली बातों से बचें और इस दिन को आपसी सौहार्द्र और सेवा-भावना के साथ मनाएं।

 

मोहम्मद हनीफ ने कहा, “हम सबको यह प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि जिस तरह करबला के शहीदों ने अपने खून से इंसानियत को नया जीवन दिया, हम भी अपने जीवन में आपसी मोहब्बत, सच्चाई और बलिदान की भावना उतारें। मुहर्रम का पैगाम यही है कि हम सब मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे का दर्द बाँटें और किसी को अकेला न छोड़ें।”

 

इटावा के विभिन्न इलाकों में शांति समितियों ने भी इस अपील का स्वागत किया है और मुहर्रम के दिनों में खाद्य-वितरण, रक्तदान शिविर और सामुदायिक भोज आयोजित करने की योजना बनाई गई है। किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी मौके पर उपस्थित रहकर नेता के विचारों को समर्थन देते हुए कहा कि इस बार मुहर्रम पूरे इटावा को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम बनेगा।

 

प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि हर व्यक्ति बिना किसी भय के इस आयोजन में भाग ले सके। मोहम्मद हनीफ ने अंत में आशा जताई कि इस बार का मुहर्रम आपसी दरारें मिटाने और एक नई सुबह की राह बनाने वाला साबित होगा।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

Live Tv
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर