छिबरामऊ (कन्नौज)।
पश्चिम बंगाल में देश की सीमा की रखवाली करते समय आकाशीय बिजली की चपेट में आने से शहीद हुए छिबरामऊ के लाल विनीत कुमार द्विवेदी का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी और हर दिल में अपने इस जांबाज के खोने का गम था।
गुरुवार की दोपहर जैसे ही शहीद विनीत कुमार का पार्थिव शरीर नगर सीमा पर स्थित सलेमपुर गांव के शहीद कमलेश कुमारी पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, वहां माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। क्षेत्र के सैकड़ों जांबाज युवाओं ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए भारत माता के जयकारों के साथ शहीद सैनिक को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इसके बाद फूलों से सजे सेना के विशेष वाहन से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नौगाई ले जाया गया। इस दौरान सैकड़ों बाइकों और दर्जनों चार पहिया वाहनों का विशाल काफिला तिरंगा लहराते हुए सैनिक वाहन के साथ-साथ चल रहा था।
जैसे ही वीर सैनिक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नौगाई पहुंचा, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अपने लाडले भाई और बेटे को इस हालत में देखकर वहां मौजूद हजारों ग्रामीणों के आंसू छलक आए। हर कोई अपने शहीद नायक की एक झलक पाने को बेताब दिखा।
शहीद विनीत कुमार द्विवेदी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके अपने ही खेत में ले जाया गया। वहां सेना के जवानों द्वारा मुख्य अग्नि से पूर्व शहीद को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी) दिया गया। पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ विनीत कुमार का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दुखद घड़ी के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई शहीद की शहादत को नमन कर रहा है।











