अब्दुल्ला अख़्तर छिबरामऊ
व्यवस्थाओं को सुधारने के सख्त निर्देश; मरीजों की सुविधा और संवेदनशीलता को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
छिबरामऊ, कन्नौज: जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और जन-उपयोगी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी (डीएम) ने छिबरामऊ स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय का औचक एवं सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बिंदुवार जायजा लिया और अधिकारियों को मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि पंजीकरण और टोकन काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ रहती है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि काउंटर पर मैनपावर (कर्मचारियों की संख्या) बढ़ाई जाए, काउंटर के स्थान को विस्तृत किया जाए ताकि मरीजों को खड़े होने में दिक्कत न हो, एक बड़ा फ्लैक्सी/डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए जिसमें पंजीकरण की प्रक्रिया, समय-सारणी और आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो, ताकि मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
अस्पताल में विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए डीएम ने स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, कान की जांच के लिए जरूरी ईएनटी उपकरणों की तत्काल खरीद करने को कहा।
दवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि वर्तमान में केवल 178 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मानक के अनुरूप सभी आवश्यक औषधियों की 100% उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिया कि स्टॉक पंजिका का मिलान प्राप्त उपकरणों और सामग्री से किया जाए, ऑपरेशन थिएटर के प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन हो, ईएनटी कक्ष, नेत्र कक्ष, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और इमरजेंसी वार्ड का सूक्ष्म निरीक्षण कर कमियों को दूर किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत की। उन्होंने उपचार, दवाओं की मुफ्त उपलब्धता और अस्पताल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के संबंध में मरीजों से फीडबैक लिया। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिया कि वे स्वयं प्रत्येक केबिन में जाकर चिकित्सकों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करें और मरीजों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।
वित्तीय व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल के लिए जो भी सामान खरीदा जाए, वह अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल के माध्यम से ही होना चाहिए। उन्होंने स्टेशनरी, डीजल, पैथोलॉजी और आउटसोर्स कर्मियों के वेतन आदि के खर्चों की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही, अस्पताल परिसर और वॉटर कूलर की स्वच्छता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि बजट या अन्य कोई बाधा है, तो तत्काल अवगत कराएं ताकि समयबद्ध समाधान किया जा सके।
इस मौके पर उप जिलाधिकारी छिबरामऊ, जिला क्षय रोग अधिकारी और अस्पताल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
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