अवे। नदियों के संरक्षण के लिए संकल्पित गंगा समग्र यमुना भाग कानपुर मछलीघर की बैठक रविवार को नारायण कॉलेज ऑफ साइंसेज एंड आर्ट्स के ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। बैठक में अवेध, औरैया, जालौन और कानपुर देहात के जिला संगीतकार, सहा कोलंबिया, आयाम प्रमुख और दार्शनिकों ने प्रतिभागिता की। बैठक का समापन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, कानपूर के सह संयोजक कार्यवाह ने किया, जिसमें उन्होंने मां गंगा के चित्र पर दीप प्रज्वलित किया।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पिपराचिथ ने कहा कि मां गंगा और उनकी सहायक नदियां भारत की संस्कृति का हिस्सा हैं, हम उन्हें मां मानते हैं कि उनके संरक्षण के लिए हम केवल सरकारी तंत्र से उम्मीद नहीं रख सकते हैं। जनजागरण में गंगा समग्र की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। जब तक ये नदियाँ हैं तब तक हम सब जिस दिन नदियाँ सुखाएँगे, उसी दिन सभी मस्जिदों की मान्यता भी समाप्त हो जाएगी।
गंगा समग्र के सभी आयामों के सिद्धांतों के बारे में जानकारी ली और आगामी आने वाले बाले कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। गंगा समग्र का विस्तार करने के लिए, गंगा ग्राम की स्थापनाओं और तालाबों के संरक्षण के लिए निर्देश दिए गए हैं और गंगा बाई यमुना की सहायक नदियों को स्वच्छ बनाए रखने की शपथ भी ली गई है। ऑपरेशन यमुना भाग के संयोजक अवनीन्द्र सिंह ने किया।
बैठक में अनिल गुरु, कानपुर कमिश्नरी के संगठन मंत्री सनराइज प्रकाश, कानपुर कमिश्नरी के प्रमुख एसडीओ, जिला मंडल के सदस्य अभिनेंद्र चौहान, औरैया जिले के संगीतकार मनोज, जालौन के संयोजक वीरेन्द्र व्यापारी, कानपुर देहात के बृजमोहन, डॉ. राजीव चौहान, प्रांजल कश्यप, आदित्य शर्मा, स्मृति सिंह, अभिषेक दुबे, कार्तिकेय दुवे, बरुण तिवारी, ध्रुव वर्मा, हरिओम, रामू जादौन मौजूद रहे।











