इटावा, 01 मई 2025: उत्तर प्रदेश के विद्युत कर्मचारियों एवं संविदा श्रमिकों ने आज प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर बाइक रैली निकालकर बिजली वितरण निगमों के निजीकरण और संविदा कर्मियों की बर्खास्तगी के आदेशों के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की। इस आंदोलन के अगले चरण में 02 मई से 08 मई 2025 तक लखनऊ स्थित शक्ति भवन (ऊर्जा विभाग मुख्यालय) पर सात दिवसीय क्रमिक अनशन आयोजित किया जाएगा। 
मुख्य मांगें:
1. विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
2. संविदा कर्मियों को हटाने के आदेश वापस लिए जाएँ।
3. पूर्व में हुए समझौतों (05 अप्रैल 2018 एवं 06 अक्टूबर 2020) का पालन किया जाए, जिसमें बिजली कर्मियों की सहमति के बिना निजीकरण न करने का वादा शामिल था।
जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन:
आज के आंदोलन के तहत शिवपाल सिंह यादव सहित कई सांसदों, विधायकों और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकार से मांगों पर तुरंत कार्रवाई की अपील की गई।
संघर्ष समिति का आरोप:
– संघर्ष समिति ने पावर कॉर्पोरेशन और विद्युत नियामक आयोग पर आरोप लगाया कि वे कंसल्टेंसी फर्म ग्रांट थॉर्टन के “फर्जी दस्तावेजों” के आधार पर निजीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन कर्मचारी संगठनों से बातचीत से इनकार कर रहे हैं।
– उन्होंने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली की कीमतें बढ़ेंगी, ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित होगी और हजारों कर्मचारियों का रोजगार खतरे में पड़ जाएगा।
आंदोलन का कार्यक्रम:
– 02 मई संघर्ष समिति के केंद्रीय नेतृत्व एवं उत्तराखंड के बिजलीकर्मी अनशन पर।
– 03 मई: केएस्को (कानपुर) क्षेत्र के कर्मचारी।
– 04 मई दक्षिणांचल (मिर्जापुर, सोनभद्र आदि) के कर्मचारी।
– 05 मई पूर्वांचल (गोरखपुर, वाराणसी आदि) के कर्मचारी।
– 06 मई: विद्युत परियोजनाओं के कर्मचारी।
– 07 मई मध्यांचल (लखनऊ, प्रयागराज) के कर्मचारी।
– 08 मई पश्चिमांचल (मेरठ, नोएडा) के कर्मचारी।
इटावा में बाइक रैली:
इटावा जनपद में संघर्ष समिति के संयोजक विवेक कुमार सिंह, सह-संयोजक आनंद पाल सिंह,वीरेंद्र कुमार,गगन अग्निहोत्री,राहुल कुमार, पीयूष मौर्य एवं अन्य नेताओं के नेतृत्व में शांतिपूर्ण बाइक रैली निकाली गई। कर्मचारियों ने हेलमेट और बाइक्स पर निजीकरण विरोधी स्टीकर लगाए तथा नारेबाजी की।
अगले चरण
– सभी जनपदों में विरोध सभाएं एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन** जारी रहेगा।
– यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संपर्क
विवेक कुमार सिंह (संयोजक, संघर्ष समिति, इटावा)











