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September 22, 2026 2:29 am

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उदी : दान करने से धन की, भजन करने से मन की तथा स्नान करने से तन की शुद्धि होती है

आज गुरुवार को श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन भागवताचार्य कथा व्यास पं. राहुल त्रिपाठी जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के 16108 विवाह, सूक्ष्म भाव में विष्णु भगवान के 24 अवतारों की चर्चा के साथ सुदामा चरित्र आदि की कथा सुनाई । सुदामा चरित्र का मार्मिक व अत्यंत भावपूर्ण प्रसंग सुन बड़ी संख्या में उपस्थित भाव विभोर श्रोताओं के नेत्र सजल हो उठे। आचार्य श्री ने कहा कि मित्रता कैसे की जाती है और उसे कैसे निभाया जाता है- यह श्री कृष्ण से सीखना चाहिए।

व्यास जी ने कथा प्रसंग के बीच यह भी कहा कि इस दुनिया में अपना कुछ नहीं है । परमात्मा ने हमें मालिक बनाया यह तो उसकी महान सोच है । अतः हमें उसी परमात्मा के अधीन रहना चाहिए । वह जो जैसा करें उसी में संतुष्ट रहें । हमारे पास जो कुछ भी है उसमें से कुछ ना कुछ दान करना चाहिए तथा समाज सेवा का भाव हमेशा रखना चाहिए ।

शुक्रवार प्रातः कथा विश्राम एवं हवन पूजन के बाद भंडारे में प्रसाद वितरण किया जावेगा।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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