इटावा। जनपद में बालश्रम उन्मूलन को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक श्रमायुक्त कुलदीप सिंह के संयोजन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को जसवंतनगर क्षेत्र में हाईवे स्थित विभिन्न ढाबों पर संयुक्त छापेमारी की गई। अभियान के दौरान तीन नाबालिग बालकों को बालश्रम से मुक्त कराया गया।
छापेमारी का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने किया। टीम में वरिष्ठ सहायक प्रवीन कुमार, बाल संरक्षण विशेषज्ञ प्रेम कुमार शाक्य, एएचटीयू प्रभारी एसआई रफीक अहमद शामिल थे। उक्त टीम ने आगरा रोड स्थित कई ढाबों का सघन निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान जोधपुर राजस्थानी ढाबा से बाराबंकी जनपद निवासी लगभग 16 वर्षीय एक बालक को बालश्रम करते हुए मुक्त कराया गया। वहीं अमृतसरी ढाबा से 16 वर्षीय तथा 17 वर्षीय दो अन्य किशोरों को बालश्रम से मुक्त कराया गया दोनों कन्नौज जनपद के निवासी बताए गए हैं।
अभियान के दौरान सभी मुक्त कराए गए बालकों का आवश्यक विवरण दर्ज किया गया तथा उन्हें नियमानुसार संरक्षण व पुनर्वासन हेतु अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बालश्रम कराना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने होटल, ढाबा, प्रतिष्ठान एवं व्यवसायिक संस्थानों के संचालकों से अपील की कि वे किसी भी नाबालिग से श्रम न कराएं। यदि कहीं बालश्रम कराया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग, पुलिस अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से बिलाल अहमद, डीएलएसए से पीएलवी लालमन व राजेंद्र सिंह ने सहयोग प्रदान किया।











