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November 3, 2026 4:21 am

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जसवंतनगर पुलिस ने शांति भंग के आरोप में 16 लोगों को किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश इटावा। थाना जसवंतनगर पुलिस ने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों के 16 लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए गए लोगों में ग्राम जलपोखर के जयवीर सिंह, अवनीश कुमार, विपिन कुमार और सत्यवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पीपरीपुरा निवासी कौशल कुमार, गोबेपुरा निवासी अजीत, डूडहा निवासी अमित, नगला विधि निलोई निवासी विनोद यादव और ओमवीर यादव तथा नगला नरिया निवासी प्रदीप कुमार उर्फ सिंधी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, आगरा जनपद के जैतपुरा क्षेत्र के खटिकान मोहल्ला निवासी राजाराम, सूरज, बबलू, मनी और बारिश तथा बाह थाना क्षेत्र के बिजौली निवासी रामराज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी 16 लोगों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जसवंतनगर में पेशी के लिए रवाना किया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार से शांति भंग होने की आशंका पर पुलिस द्वारा सतर्कता बरतते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

100 साल पुराने रास्ते पर जबरन कब्जे को लेकर भड़के ग्रामीण, भाकियू (बलराज) ने किया महापंचायत का ऐलान

अब्दुल्ला अख़्तर कन्नौज
तहसीलदार को बैरंग लौटाया, प्रदेश भर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगा संगठन
छिबरामऊ (संवाददाता):
तहसील क्षेत्र के ग्राम बहबलपुर में एक सदी (100 वर्ष) से भी पुराने आम रास्ते पर जबरन कब्जा कराए जाने का एक बेहद गरमाया हुआ मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमीन ने 13 फुट के सरकारी आदेश की आड़ में जबरिया 30 फुट जगह पर कब्जा करा दिया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को भी प्रदर्शनकारियों के भारी विरोध के कारण बैरंग वापस लौटना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, अमीन की मिलीभगत से रामनरेश यादव, ब्रजनन्दन यादव और उनके परिवार द्वारा सरकारी पटरी को खोदकर उस पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया गया था। जैसे ही इस बात की भनक गांव वालों को लगी, भारी संख्या में ग्रामीण लामबंद होकर मौके पर पहुंच गए और चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल बंद करा दिया।
मामला तूल पकड़ते ही भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के नेता अपनी टीमों के साथ आंदोलन को समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंच गए। धरने पर मुख्य रूप से मुखिया नागर, सत्यप्रकाश नागर, बॉबी जाटव, भगवद्दयाल, लालबाबू, उदयवीर यादव, जयप्रकाश सिंह, अमर सिंह और नीरजा नागर मौजूद रहे। इसके साथ ही भाकियू (बलराज) के जिला अध्यक्ष चौधरी प्रताप सिंह और युवा प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर सौरव यादव ने भी अपनी टीम के साथ ग्रामीणों की आवाज बुलंद की।
भाकियू बलराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने कहा अब यह लड़ाई आर-पार की होगी। कल देश और प्रदेश के सभी जनपदों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर प्रशासन ने कल तक रास्ता खाली नहीं कराया, तो बहबलपुर की धरती पर एक विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों के तेवर देखकर उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। संगठन ने साफ कर दिया है कि जब तक रास्ता पूरी तरह बहाल नहीं होता, तब तक पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। गांव में इस समय भारी तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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