इटावा। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ( रा ) इटावा के तत्वावधान में मधुबन वाटिका में आयोजित हुई प्रबुद्ध जागरण यात्रा बैठक में बोलते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्रनाथ त्रिपाठी ने कहा कि आज ब्राह्मण किसी के एजेंडे में नहीं है क्योंकि हम बंटे हुए हैं, जिस दिन ब्राह्मणों में चट्टानी एकता हो जाएगी, खुदा बंदे से आकर खुद पूछेगा, बता तेरी रजा क्या है।
बैठक का शुभारंभ भगवान परशुरामजी के चित्र का पूजन अर्चन और माल्यार्पण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि राजेन्द्रनाथ त्रिपाठी ने ब्राह्मणों से भी आत्मावलोकन करने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें सोचना होगा कि पंडितजी का अब शाप नहीं लगता, इसलिए भी हमारी अहमियत कम हो गई। हमने अपने खानपान, रहन सहन और आचरण को इतना पतित कर लिया है कि हमारा वह तेज, जो हमारे ब्राह्मणत्व को प्रकाशित करता था, वह ब्राह्मण के व्यक्तित्व में अब दिखाई नहीं देता। तिलक, शिखा, यज्ञोपवीत जैसे प्रतीकों को हम अपने से दूर करते जा रहे हैं। शास्त्र स्वाध्याय करना छोड़ दिया है, इसलिए आज चौतरफा से हमारे अस्तित्व पर हमले किए जा रहे हैं और हमारी उपेक्षा हो रही है।
उन्होंने कहा कि 27 का विधान सभा चुनाव आता देख कुछ मारीच टाइप के लोग माया मृग बनकर आपको छलने के लिए ब्राह्मण प्रेम प्रदर्शित करते हुए ज़रूर दिखाई देंगे, लेकिन इनसे सावधान रहना है। मेरी यह प्रबुद्ध जागरण यात्रा प्रदेश के पचहत्तर जिलों में यही नब्ज़ टटोलने के लिए की जा रही है, और वक्त आने पर यह मार्गदर्शन किया जाएगा कि चुनावी बिसात पर हमें क्या निर्णय लेना है। मैं तो ब्राह्मण कुल का चौकीदार हूं और आपको लगता है कि मैंने आपकी चौकीदारी पूरी वफादारी से की है तो आपका आशीर्वाद, स्नेह और सहयोग मुझे पूर्व की भांति आगे भी जरूर मिलेगा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित चौधरी ब्राह्मण कल्याण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चौधरी ने कहा कि बिना ब्राह्मण के राष्ट्र की कल्पना नहीं हो सकती। हमें अपने आदर्श संस्कारों पर विशेष ध्यान देना है। परस्पर मतभेद के कारण ही हम आज हाशिए पर जा रहे हैं। इसलिए एकजुट होकर अपने समाज के लोगों की दिल खोलकर मदद करें।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा) इटावा के जिलाध्यक्ष बंटी वाजपेई ने कहा कि मैं तो आप सबके सहयोग से आप सबकी पहरेदारी के लिए आपके साथ खड़ा हूं। अपने समाज के भाइयों बहनों के हर मुद्दे पर सबसे पहले और सबसे आगे आकर मैंने आपके सम्मान की लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ता रहूंगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्रनाथ त्रिपाठी की धर्मपत्नी श्रीमती शैल त्रिपाठी की विशिष्ट उपस्थिति के बीच संरक्षक गोविंद माधव शुक्ला, सुनील मिश्रा बजाज, अरविंद दीक्षित, संजीव दीक्षित, धर्म नारायण मिश्रा, शिवहरी दीक्षित, अरविंद चौधरी, डा. डीके पांडे, सभासद पूनम पाण्डेय, सभासद अनुराधा दुबे, सभासद शरद वाजपेई,आदित्य मोहन शर्मा, कवि रोहित चौधरी ने भी विचार रखे। अध्यक्षता आनंद प्रकाश नारायण दुबे ने की तथा कुशल संचालन कवि मयंक विधौलिया ने किया। संरक्षक अशोक शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा, रवि चौधरी, जिला महामंत्री अनूप मिश्रा, संजय शर्मा वैद्यनाथ, विनोद दीक्षित, धीरज अग्निहोत्री, आर के मिश्रा, श्रवण तिवारी, संजीव चतुर्वेदी, हरिशंकर चौबे, आलोक पाराशर, कुलदीप तिवारी, केके त्रिपाठी, पंकज चौधरी, अवधेश कुमार दुबे, कैलाश दीक्षित, नीरज मिश्रा, सोमेश अवस्थी, अनंतराम शर्मा, अनिल वाजपेई, मेजर पाण्डेय, डा. आशीष दीक्षित, प्रभाकर दीक्षित, अनुभव वाजपेई, ज्ञानेंद्र पांडे, विष्णु पांडे, अर्चित वाजपेई, राजू तिवारी आदि मौजूद रहे।











