शाहजहाँपुर की सिधौली पुलिस पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोप है कि मुड़िया पवार गांव निवासी प्रदीप कश्यप को पुलिस ने कल उठाकर थाने में रखा और रातभर कथित रूप से प्रताड़ित किया। परिजनों का दावा है कि देर रात उसकी हालत बिगड़ी और करीब 3 बजे पुलिस ही उसे सीएचसी सिधौली लेकर पहुँची, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”#see
“सबसे बड़ा सवाल यह है कि परिजनों के मुताबिक प्रदीप की मौत हो चुकी थी, लेकिन उसी रात करीब 1:30 बजे उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया। आखिर मौत से पहले क्या हुआ? थाने में क्या हुआ? और यदि हिरासत में कोई अनहोनी हुई, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है?”
“अब निगाहें शाहजहाँपुर के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं। क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी? क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या प्रदीप कश्यप के परिवार को न्याय मिलेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?”
“सच्चाई क्या है, इसका फैसला जांच करेगी, लेकिन इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न जरूर खड़े कर दिए हैं।”











