जनपद इटावा थाना जसवंतनगर पुलिस ने रच दी मिसाल – 70 वर्षीय सुमित्रा देवी को खुद सरकारी वाहन से पहुँचाया घर
अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी के कुशल पर्यवेक्षण में जनपद में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ रात्रि गश्त को जन-सेवा का माध्यम बनाने के अभियान को सार्थक कर दिखाया।
मध्यरात्रि 12 बजे छिमरा रोड… एक बेसहारा वृद्धा, बुझी नज़रें और निराशा का साम्राज्य
जैसे ही पुलिस टीम को सुमित्रा देवी (पत्नी स्वर्गीय सुधाकर, उम्र 70, ग्राम रायनगर) अकेले खड़ी मिलीं – वह न तो कोई वाहन ढूँढ पा रही थीं, न ही रात के अँधेरे में कोई अपना। बस एक टूटी हुई उम्मीद और लौटने की व्याकुलता।
पुलिस वालों ने ऐसा किया कि ‘तुरंत रोका, पूछा, और गोद ले ली माँ की तकलीफ’
“मैं रायनगर जाना हूँ… कोई ऑटो नहीं मिल रहा” – इतना सुनते ही टीम ने बिना समय गँवाए सरकारी वाहन को मां सुमित्रा के लिए रथ बना दिया।
सरकारी गाड़ी में नहीं, सपनों की सवारी… और पहुँचा दिया आँगन तक
पुलिस ने न सिर्फ वृद्धा को वाहन में बैठाया, बल्कि ग्राम रायनगर उनके घर के दरवाज़े तक छोड़ा। परिजनों की आँखें छलछला उठीं – ऐसा लगा मानो उनकी माँ किसी सुरक्षित हाथों में सौंपी गई हो।
परिजनों का हृदय से आभार – ‘इटावा पुलिस ने रिश्तों को नया मान दिया’
“आज फिर से इंसानियत पर भरोसा हो गया। थैंक यू जसवंतनगर पुलिस!”
सीखें और गर्व करें यूपी पुलिस पर – इटावा ने दिखा दिया:
कानून-व्यवस्था से ज्यादा जरूरी इंसान की है चिंता
रात 12 बजे की ड्यूटी केवल चेकिंग नहीं, एक माँ की निगहबानी भी
“सेवा, सुरक्षा, संवेदनशीलता” – हर थाने के लिए यही है मसीहा
🙌 जय हिंद, जय इटावा पुलिस – रात्रि के अँधेरे पर मोहब्बत की जीत!











