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May 3, 2026 9:46 pm

मांगें नहीं मानी गईं तो सड़क से सदन तक तेज होगा आंदोलन—संजीव शाक्य जिलाध्यक्ष

जिला इटावा, 03 मई 2026 उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही कथित लूट, गलत बिलिंग, बिजली कटौती और प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता के विरोध में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवाह्न पर आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदेश के सभी जिला विद्युत उपकेन्द्रों पर जोरदार प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर को “डिजिटल लूट” बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस जनविरोधी व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग उठाई।

 

इस मौके पर जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना पूरी तरह से फेल हो चुकी है और यह अब जनता को राहत देने के बजाय आर्थिक शोषण का माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर इतने “स्मार्ट” हो गए हैं कि बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली काट देते हैं, लेकिन रिचार्ज के बाद भी 2 से 12 घंटे तक बिजली बहाल नहीं होती। यह व्यवस्था न केवल तकनीकी रूप से विफल है, बल्कि सरकार की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 78 से 80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं। लाखों उपभोक्ता गलत बिलिंग, तेजी से बैलेंस खत्म होने और बिजली कटौती से परेशान हैं। कई मामलों में जहां पहले ₹1500 तक का बिजली बिल आता था, वह अब बढ़कर ₹6000–7000 तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह सीधा-सीधा जनता की जेब पर हमला है।

 

जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने आरोप लगाया कि लगभग 3 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने के इस प्रोजेक्ट में करीब ₹20,000 करोड़ का खर्च दिखाया गया है, जिसमें बड़े स्तर पर घोटाले और कमीशनखोरी की आशंका है। उन्होंने कहा कि पहले मीटरों की कीमत सिंगल फेज के लिए ₹6016 और थ्री फेज के लिए ₹12000 तक वसूली गई, जिसे विरोध के बाद घटाया गया। इससे साफ है कि इस पूरी योजना में पारदर्शिता नहीं है और जनता से मनमानी वसूली की गई है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ इसे वैकल्पिक बताती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा जबरन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और बाद में उन्हें प्रीपेड में बदल दिया जाता है। यह जनता के साथ सीधा धोखा है। भीषण गर्मी में बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर की खामियों ने आम नागरिकों और किसानों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल है और कई जगह तारों की स्थिति भी खतरनाक बनी हुई है।

 

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में नलकूपों (ट्यूबवेल) पर भी सरकार द्वारा 4G सिम-आधारित स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई है, लेकिन इन मीटरों के कारण किसानों को अत्यधिक बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्याओं के चलते मीटर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। यह योजना किसानों के लिए राहत के बजाय अतिरिक्त परेशानी का कारण बन गई है।

 

जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही इस लूट को तत्काल रोका जाए, पूरे प्रोजेक्ट की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और कंपनियों पर कार्रवाई की जाए तथा जिन उपभोक्ताओं को रिचार्ज के बाद भी समय से बिजली नहीं मिली, उन्हें मुआवजा दिया जाए। साथ ही 1912 हेल्पलाइन को दुरुस्त कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

 

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में अपना आंदोलन और तेज करेगी और सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज मजबूती से उठाएगी। आज के विरोध प्रदर्शन में संजीव शाक्य जिला अध्यक्ष, मनोज यादव जिला उपाध्यक्ष, अशोक यादव विधानसभा अध्यक्ष, रामदत्त यादव विधानसभा अध्यक्ष, विनीत कुमार,जगदीश,चंद्रपाल, रोहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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