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May 31, 2026 7:07 am

इटावा सफारी पार्क में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय आर्द्र भूमि दिवस, विद्यार्थियों ने की नेचर वॉक और बर्ड वाचिंग

इटावा, 02 फरवरी: विश्व भर में आर्द्र भूमियों (वेटलैंड्स) के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 02 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय आर्द्र भूमि दिवस मनाया जाता है। इसी के तहत इटावा सफारी पार्क में सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम एवं बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया।

 

जानिए क्यों है खास यह दिन:

इस दिन का ऐतिहासिक महत्व है। वर्ष 1971 में आज ही के दिन रामसर वेटलैंड समझौता हुआ था, जो 1975 में लागू हुआ। इसके तहत अब तक उत्तर प्रदेश के 11 आर्द्र भूमि क्षेत्रों को रामसर साइट का दर्जा मिल चुका है।

 

विद्यार्थियों ने सीखा प्रकृति का पाठ:

कार्यक्रम में इटावा जनपद के चार विद्यालयों—उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला गौर, परसनी, घिरमई एवं छिपेटी—के 75 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सबसे पहले सभी प्रतिभागियों ने लगभग 2.5 किलोमीटर की नेचर वॉक की, जिसमें उन्हें पार्क क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पेड़-पौधों और पक्षियों के बारे में रोचक जानकारी दी गई।

 

गोष्ठी में साझा किए विचार:

इसके बाद सफारी पार्क के ओपन एयर थिएटर में एक गोष्ठी आयोजित की गई, जहाँ छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण और आर्द्र भूमि के महत्व पर अपने विचार रखे। सफारी पार्क के उप निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह और बायोलॉजिस्ट श्री बी. एन. सिंह ने आर्द्र भूमि दिवस के इतिहास, इनके पारिस्थितिकीय महत्व और इन्हें बचाने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

 

शिक्षा और जागरूकता का संगम:

यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी को प्रकृति के करीब लाने और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ। सफारी पार्क के समस्त कर्मचारियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहभागिता निभाई।

 

(डॉ. विनय कुमार सिंह)

उप निदेशक

इटावा सफारी पार्क, इटावा

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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